॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: चोरी करना
संस्कृत: स्तेये
अंग्रेज़ी: to steal to rob
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | मूषति | मूषतः | मूषन्ति |
| मध्यम | मूषसि | मूषथः | मूषथ |
| उत्तम | मूषामि | मूषावः | मूषामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: मूषति · लिट्: मुमूष · लुट्: मूषिता · लृट्: मूषिष्यति · लोट्: मूषतात् · लङ्: अमूषत् · विधिलिङ्: मूषेत् · आशीर्लिङ्: मूष्यात् · लुङ्: अमूषीत् · लृङ्: अमूषिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: मूषण · ण्वुल्: मूषकः · तृच्: मूषिता · ण्यत्: मूष्यः · तव्य: मूषितव्यः · अनीयर्: मूषणीयः · क्त: मूषितः · क्तवतु: मूषितवान् · शतृ: मूषन् · स्य-शतृ: मूषिष्यन् · क्त्वा: मूषित्वा · ल्यप्: प्रमूष्य · तुमुन्: मूषितुम् · णमुल्: मूषम् · घञ्: मूषः · क्तिन्: मूष्टि · क्वसु: मुमूष्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| मूषति | मूष् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: मूषता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: मूष + तल् (भाववाचक) | मूषत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: मूष् + शतृ |
मूषति ➤ चोरी करना
संस्कृत: स्तेये
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड