॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: अन्वेषण करना, शिकार करना, ढूंढना
संस्कृत: अन्वेषणे
अंग्रेज़ी: to investigate, to search, to prey, to kill an animal
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | मृगयते | मृगयेते | मृगयन्ते |
| मध्यम | मृगयसे | मृगयेथे | मृगयध्वे |
| उत्तम | मृगये | मृगयावहे | मृगयामहे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): मृगयते · लिट् (आत्मने.): मृगयाञ्चक्रे · लुट् (आत्मने.): मृगयिता · लृट् (आत्मने.): मृगयिष्यते · लोट् (आत्मने.): मृगयताम् · लङ् (आत्मने.): अमृगयत · विधिलिङ् (आत्मने.): मृगयेत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): मृगयिषीष्ट · लुङ् (आत्मने.): अममृगत · लृङ् (आत्मने.): अमृगयिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: मृगण · ण्वुल्: मृगकः · तृच्: मृगयिता · यत्: मृग्यः · तव्य: मृगयितव्यः · अनीयर्: मृगणीयः · क्त: मृगितः · क्तवतु: मृगितवान् · शानच्: मृगयमाणः · क्त्वा: मृगयित्वा · ल्यप्: प्रमृगय्य · तुमुन्: मृगयितुम् · णमुल्: मृगम् · क्तिन्: मृक्ति · क्वसु: मृगयाम्बभूवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| मृगयते | मृग धातु (चुरादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: मृगयता (स्त्री.) — सम्बोधन, एकवचन · तद्धित: मृगय + तल् (भाववाचक) | मृग धातु (चुरादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक) |
मृगयते ➤ अन्वेषण करना, शिकार करना, ढूंढना
संस्कृत: अन्वेषणे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड