॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: सेवा करना, चाकरी करना
संस्कृत: सेवने
अंग्रेज़ी: to serve, to devote oneself, practise
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | मेवते | मेवेते | मेवन्ते |
| मध्यम | मेवसे | मेवेथे | मेवध्वे |
| उत्तम | मेवे | मेवावहे | मेवामहे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): मेवते · लिट् (आत्मने.): मिमेवे · लुट् (आत्मने.): मेविता · लृट् (आत्मने.): मेविष्यते · लोट् (आत्मने.): मेवताम् · लङ् (आत्मने.): अमेवत · विधिलिङ् (आत्मने.): मेवेत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): मेविषीष्ट · लुङ् (आत्मने.): अमेविष्ट · लृङ् (आत्मने.): अमेविष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: मेवन · ण्वुल्: मेवकः · तृच्: मेविता · ण्यत्: मेव्यः · तव्य: मेवितव्यः · अनीयर्: मेवनीयः · क्त: मेवितः · क्तवतु: मेवितवान् · शानच्: मेवमानः · क्त्वा: मेवित्वा · ल्यप्: प्रमेव्य · तुमुन्: मेवितुम् · णमुल्: मेवम् · घञ्: मेवः · क्तिन्: मयूति · क्वसु: मिमेवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| मेवते | मेव् धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: मेवता (स्त्री.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: मेव् + घञ् · तद्धित: मेव + तल् (भाववाचक) | मेवता (स्त्री.) — सम्बोधन, एकवचन · कृदन्त: मेव् + घञ् · तद्धित: मेव + तल् (भाववाचक) |
मेवते ➤ सेवा करना, चाकरी करना
संस्कृत: सेवने
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.३ सेकण्ड