॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: ग्लान होना, ग्लानियुक्त होना, जम्हाई लेना
संस्कृत: हर्षक्षये
अंग्रेज़ी: to be tired, to wane, to be fatigued, to be exhausted
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | म्लायति | म्लायतः | म्लायन्ति |
| मध्यम | म्लायसि | म्लायथः | म्लायथ |
| उत्तम | म्लायामि | म्लायावः | म्लायामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: म्लायति · लिट्: मम्लौ · लुट्: म्लाता · लृट्: म्लास्यति · लोट्: म्लायतात् · लङ्: अम्लायत् · विधिलिङ्: म्लायेत् · आशीर्लिङ्: म्लायात् · लुङ्: अम्लासीत् · लृङ्: अम्लास्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: म्लान · ण्वुल्: म्लायकः · तृच्: म्लाता · यत्: म्लेयः · तव्य: म्लातव्यः · अनीयर्: म्लानीयः · क्त: म्लानः · क्तवतु: म्लानवान् · शतृ: म्लायन् · स्य-शतृ: म्लास्यन् · क्त्वा: म्लात्वा · ल्यप्: प्रम्लाय · तुमुन्: म्लातुम् · णमुल्: म्लायम् · घञ्: म्लायः · क्तिन्: म्लाति · क्वसु: मम्लिवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| म्लायति | म्लै धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: म्लायत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: म्लै + शतृ | म्लायत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: म्लै + शतृ |
म्लायति ➤ ग्लान होना, ग्लानियुक्त होना, जम्हाई लेना
संस्कृत: हर्षक्षये
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड