॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: आराधना करना, पूजा करना, सत्कार करना
संस्कृत: पूजायाम्
अंग्रेज़ी: to pray, to worship, to respect
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | यक्षयते | यक्षयेते | यक्षयन्ते |
| मध्यम | यक्षयसे | यक्षयेथे | यक्षयध्वे |
| उत्तम | यक्षये | यक्षयावहे | यक्षयामहे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): यक्षयते · लिट् (आत्मने.): यक्षयाञ्चक्रे · लुट् (आत्मने.): यक्षयिता · लृट् (आत्मने.): यक्षयिष्यते · लोट् (आत्मने.): यक्षयताम् · लङ् (आत्मने.): अयक्षयत · विधिलिङ् (आत्मने.): यक्षयेत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): यक्षयिषीष्ट · लुङ् (आत्मने.): अययक्षत · लृङ् (आत्मने.): अयक्षयिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: यक्षण · ण्वुल्: यक्षकः · तृच्: यक्षयिता · यत्: यक्ष्यः · तव्य: यक्षयितव्यः · अनीयर्: यक्षणीयः · क्त: यक्षितः · क्तवतु: यक्षितवान् · शानच्: यक्षयमाणः · क्त्वा: यक्षयित्वा · ल्यप्: प्रयक्ष्य · तुमुन्: यक्षयितुम् · णमुल्: यक्षम् · क्तिन्: यष्टि · क्वसु: यक्षयाम्बभूवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| यक्षयते | यक्ष् धातु (चुरादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: यक्ष् धातु (चुरादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक) |
यक्षयते ➤ आराधना करना, पूजा करना, सत्कार करना
संस्कृत: पूजायाम्
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड