॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: मैथुन करना
संस्कृत: मैथुने
अंग्रेज़ी: to copulate
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | यभति | यभतः | यभन्ति |
| मध्यम | यभसि | यभथः | यभथ |
| उत्तम | यभामि | यभावः | यभामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: यभति · लिट्: ययाभ · लुट्: यब्धा · लृट्: यप्स्यति · लोट्: यभतात् · लङ्: अयभत् · विधिलिङ्: यभेत् · आशीर्लिङ्: यभ्यात् · लुङ्: अयाप्सीत् · लृङ्: अयप्स्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: यभन · ण्वुल्: याभकः · तृच्: यब्धा · यत्: यभ्यः · तव्य: यब्धव्यः · अनीयर्: यभनीयः · क्त: यब्धः · क्तवतु: यब्धवान् · शतृ: यभन् · स्य-शतृ: यप्स्यन् · क्त्वा: यब्ध्वा · ल्यप्: प्रयभ्य · तुमुन्: यब्धुम् · णमुल्: याभम् · घञ्: याभः · क्तिन्: यब्धि · क्वसु: येभिवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| यभति | यभ् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: यभत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: यभ् + शतृ | यभत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: यभ् + शतृ |
यभति ➤ मैथुन करना
संस्कृत: मैथुने
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड