॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: चित्त स्थिर करना, मन को रोकना
संस्कृत: समाधौ
अंग्रेज़ी: to concentrate, to focus, to abstain from senses, to meditate
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | युज्यते | युज्येते | युज्यन्ते |
| मध्यम | युज्यसे | युज्येथे | युज्यध्वे |
| उत्तम | युज्ये | युज्यावहे | युज्यामहे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): युज्यते · लिट् (आत्मने.): युयुजे · लुट् (आत्मने.): योक्ता · लृट् (आत्मने.): योक्ष्यते · लोट् (आत्मने.): युज्यताम् · लङ् (आत्मने.): अयुज्यत · विधिलिङ् (आत्मने.): युज्येत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): युक्षीष्ट · लुङ् (आत्मने.): अयुक्त · लृङ् (आत्मने.): अयोक्ष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: योजन · ण्वुल्: योजकः · तृच्: योक्ता · ण्यत्: योज्यः · तव्य: योक्तव्यः · अनीयर्: योजनीयः · क्त: युक्तः · क्तवतु: युक्तवान् · शानच्: युज्यमानः · क्त्वा: युक्त्वा · ल्यप्: प्रयुज्य · तुमुन्: योक्तुम् · णमुल्: योजम् · घञ्: योगः · क्तिन्: युक्ति · क्वसु: युयुज्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| युज्यते | युज् धातु (दिवादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: युज् धातु (दिवादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · कर्मणि/भावे | युज् धातु (रुधादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · कर्मणि/भावे |
युज्यते ➤ चित्त स्थिर करना, मन को रोकना
संस्कृत: समाधौ
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड