॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: सन्देह करना, शंका करना
संस्कृत: शङ्कायाम्
अंग्रेज़ी: to doubt, to suspect
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | रगति | रगतः | रगन्ति |
| मध्यम | रगसि | रगथः | रगथ |
| उत्तम | रगामि | रगावः | रगामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: रगति · लिट्: रराग · लुट्: रगिता · लृट्: रगिष्यति · लोट्: रगतात् · लङ्: अरगत् · विधिलिङ्: रगेत् · आशीर्लिङ्: रग्यात् · लुङ्: अरगीत् · लृङ्: अरगिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: रगण · ण्वुल्: रागकः · तृच्: रगिता · ण्यत्: राग्यः · तव्य: रगितव्यः · अनीयर्: रगणीयः · क्त: रगितः · क्तवतु: रगितवान् · शतृ: रगन् · स्य-शतृ: रगिष्यन् · क्त्वा: रगित्वा · ल्यप्: प्ररग्य · तुमुन्: रगितुम् · णमुल्: रागम् · घञ्: रागः · क्तिन्: रक्ति · क्वसु: रेगिवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| रगति | रग् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: रगत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: रग् + शतृ | रगत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: रग् + शतृ |
रगति ➤ सन्देह करना, शंका करना
संस्कृत: शङ्कायाम्
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड