॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: चमकना, सुशोभित होना
संस्कृत: दीप्तौ
अंग्रेज़ी: to shine, to glitter, to glow, to reign, to be lustrous
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | राजति | राजतः | राजन्ति |
| मध्यम | राजसि | राजथः | राजथ |
| उत्तम | राजामि | राजावः | राजामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: राजति · लट् (आत्मने.): राजते · लिट्: रराज · लिट् (आत्मने.): रराजे · लुट्: राजिता · लुट् (आत्मने.): राजिता · लृट्: राजिष्यति · लृट् (आत्मने.): राजिष्यते · लोट्: राजतात् · लोट् (आत्मने.): राजताम् · लङ्: अराजत् · लङ् (आत्मने.): अराजत · विधिलिङ्: राजेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): राजेत · आशीर्लिङ्: राज्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): राजिषीष्ट · लुङ्: अराजीत् · लुङ् (आत्मने.): अराजिष्ट · लृङ्: अराजिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अराजिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: राजन · ण्वुल्: राजकः · तृच्: राजिता · ण्यत्: राज्यः · तव्य: राजितव्यः · अनीयर्: राजनीयः · क्त: राजितः · क्तवतु: राजितवान् · शतृ: राजन् · स्य-शतृ: राजिष्यन् · शानच्: राजमानः · क्त्वा: राजित्वा · ल्यप्: प्रराज्य · तुमुन्: राजितुम् · णमुल्: राजम् · घञ्: रागः · क्तिन्: राष्टि · क्वसु: रेजिवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| राजति | राज् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: राजत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: राज् + शतृ | राजत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: राज् + शतृ |
राजति ➤ चमकना, सुशोभित होना
संस्कृत: दीप्तौ
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड