॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: राजा
संस्कृत: राजा · पर्याय: पार्थिव, क्ष्माभृत्, नृप, भूप, महीक्षित्
अंग्रेज़ी: King
व्युत्पत्ति: राज् + क्विप् (कृदन्त)
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
📗 शब्द-रूपावली में पूरी तालिका
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | राट् / राड् | राजौ | राजः |
| द्वितीया | राजम् | राजौ | राजः |
| तृतीया | राजा | राड्भ्याम् | राड्भिः |
| चतुर्थी | राजे | राड्भ्याम् | राड्भ्यः |
| पञ्चमी | राजः | राड्भ्याम् | राड्भ्यः |
| षष्ठी | राजः | राजोः | राजाम् |
| सप्तमी | राजि | राजोः | राट्त्सु / राट्सु |
| सम्बोधन | हे राट् / हे राड् | हे राजौ | हे राजः |
रंगीन खाना = आपका लिखा रूप। रूप प्रतिमान (paradigm) से बने हैं; कुछ शब्दों के वैकल्पिक/आर्ष रूप भिन्न हो सकते हैं।
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| राट् | राज् (पुं.) — सम्बोधन, एकवचन अन्य सम्भावना: राज् (पुं.) — प्रथमा विभक्ति, एकवचन |
राट् ➤ राजा
संस्कृत: राजा · पर्याय: पार्थिव, क्ष्माभृत्, नृप, भूप, महीक्षित्
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड