॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: जाना
संस्कृत: गतौ
अंग्रेज़ी: to go
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | रिङ्गति | रिङ्गतः | रिङ्गन्ति |
| मध्यम | रिङ्गसि | रिङ्गथः | रिङ्गथ |
| उत्तम | रिङ्गामि | रिङ्गावः | रिङ्गामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: रिङ्गति · लिट्: रिरिङ्ग · लुट्: रिङ्गिता · लृट्: रिङ्गिष्यति · लोट्: रिङ्गतात् · लङ्: अरिङ्गत् · विधिलिङ्: रिङ्गेत् · आशीर्लिङ्: रिङ्ग्यात् · लुङ्: अरिङ्गीत् · लृङ्: अरिङ्गिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: रिङ्गण · ण्वुल्: रिङ्गकः · तृच्: रिङ्गिता · ण्यत्: रिङ्ग्यः · तव्य: रिङ्गितव्यः · अनीयर्: रिङ्गणीयः · क्त: रिङ्गितः · क्तवतु: रिङ्गितवान् · शतृ: रिङ्गन् · स्य-शतृ: रिङ्गिष्यन् · क्त्वा: रिङ्गित्वा · ल्यप्: प्ररिङ्ग्य · तुमुन्: रिङ्गितुम् · णमुल्: रिङ्गम् · घञ्: रिङ्गः · क्तिन्: रिङ्क्ति · क्वसु: रिरिङ्ग्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| रिङ्गति | रिङ्ग् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: रिङ्गत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: रिङ्ग् + शतृ | रिङ्गत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: रिङ्ग् + शतृ |
रिङ्गति ➤ जाना
संस्कृत: गतौ
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड