॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: कृपालु होना, दया करना, अनुमोदन देना, शोक करना, रोना, चाहना
संस्कृत: कामे
अंग्रेज़ी: to pitty, to be compassionate, to agree, to approve, to mourn, to grieve, to desire, to wish
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | रुध्यते | रुध्येते | रुध्यन्ते |
| मध्यम | रुध्यसे | रुध्येथे | रुध्यध्वे |
| उत्तम | रुध्ये | रुध्यावहे | रुध्यामहे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): रुध्यते · लिट् (आत्मने.): रुरुधे · लुट् (आत्मने.): रोद्धा · लृट् (आत्मने.): रोत्स्यते · लोट् (आत्मने.): रुध्यताम् · लङ् (आत्मने.): अरुध्यत · विधिलिङ् (आत्मने.): रुध्येत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): रुत्सीष्ट · लुङ् (आत्मने.): अरुद्ध · लृङ् (आत्मने.): अरोत्स्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: रोधन · ण्वुल्: रोधकः · तृच्: रोद्धा · ण्यत्: रोध्यः · तव्य: रोद्धव्यः · अनीयर्: रोधनीयः · क्त: रुद्धः · क्तवतु: रुद्धवान् · शानच्: रुध्यमानः · क्त्वा: रुद्ध्वा · ल्यप्: प्ररुध्य · तुमुन्: रोद्धुम् · णमुल्: रोधम् · घञ्: रोधः · क्तिन्: रुद्धि · क्वसु: रुरुध्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| रुध्यते | रुध् धातु (दिवादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: रुध् धातु (दिवादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · कर्मणि/भावे | रुध् धातु (रुधादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · कर्मणि/भावे |
रुध्यते ➤ कृपालु होना, दया करना, अनुमोदन देना, शोक करना, रोना, चाहना
संस्कृत: कामे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड