॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: प्रतिबन्ध करना, रोकना, धकेलना, धक्का मारना
संस्कृत: प्रतिघाते
अंग्रेज़ी: to resist, to strike, to oppose, to push, to oppose
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | रोटते | रोटेते | रोटन्ते |
| मध्यम | रोटसे | रोटेथे | रोटध्वे |
| उत्तम | रोटे | रोटावहे | रोटामहे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): रोटते · लिट् (आत्मने.): रुरुटे · लुट् (आत्मने.): रोटिता · लृट् (आत्मने.): रोटिष्यते · लोट् (आत्मने.): रोटताम् · लङ् (आत्मने.): अरोटत · विधिलिङ् (आत्मने.): रोटेत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): रोटिषीष्ट · लुङ्: अरुटत् · लुङ् (आत्मने.): अरोटिष्ट · लृङ् (आत्मने.): अरोटिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: रोटन · ण्वुल्: रोटकः · तृच्: रोटिता · ण्यत्: रोट्यः · तव्य: रोटितव्यः · अनीयर्: रोटनीयः · क्त: रुटितः · क्तवतु: रुटितवान् · शानच्: रोटमानः · क्त्वा: रुटित्वा · ल्यप्: प्ररुट्य · तुमुन्: रोटितुम् · णमुल्: रोटम् · घञ्: रोटः · क्तिन्: रुट्टि · क्वसु: रुरुट्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| रोटते | रुट् धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: रोटत् (नपुं.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: रुट् + शतृ | रोटत् (पुं.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: रुट् + शतृ |
रोटते ➤ प्रतिबन्ध करना, रोकना, धकेलना, धक्का मारना
संस्कृत: प्रतिघाते
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.४ सेकण्ड