॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: प्राप्त होना, मिलना
संस्कृत: प्राप्तौ
अंग्रेज़ी: to get,to obtain,to take,to have,to find
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | लभते | लभेते | लभन्ते |
| मध्यम | लभसे | लभेथे | लभध्वे |
| उत्तम | लभे | लभावहे | लभामहे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): लभते · लिट् (आत्मने.): लेभे · लुट् (आत्मने.): लब्धा · लृट् (आत्मने.): लप्स्यते · लोट् (आत्मने.): लभताम् · लङ् (आत्मने.): अलभत · विधिलिङ् (आत्मने.): लभेत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): लप्सीष्ट · लुङ् (आत्मने.): अलब्ध · लृङ् (आत्मने.): अलप्स्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: लम्भन · ण्वुल्: लम्भकः · तृच्: लब्धा · यत्: लभ्यः · तव्य: लब्धव्यः · अनीयर्: लम्भनीयः · क्त: लब्धः · क्तवतु: लब्धवान् · शानच्: लभमानः · क्त्वा: लब्ध्वा · ल्यप्: प्रलभ्य · तुमुन्: लब्धुम् · णमुल्: लम्भम् · घञ्: लाभः · क्तिन्: लब्धि · क्वसु: लेभिवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| लभते | लभ् धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन |
लभते ➤ प्राप्त होना, मिलना
संस्कृत: प्राप्तौ
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड