॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: प्रेरणा करना
संस्कृत: प्रेरणे
अंग्रेज़ी: to inspire
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | लाभयति | लाभयतः | लाभयन्ति |
| मध्यम | लाभयसि | लाभयथः | लाभयथ |
| उत्तम | लाभयामि | लाभयावः | लाभयामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: लाभयति · लट् (आत्मने.): लाभयते · लिट्: लाभयाञ्चकार · लिट् (आत्मने.): लाभयाञ्चक्रे · लुट्: लाभयिता · लुट् (आत्मने.): लाभयिता · लृट्: लाभयिष्यति · लृट् (आत्मने.): लाभयिष्यते · लोट्: लाभयतात् · लोट् (आत्मने.): लाभयताम् · लङ्: अलाभयत् · लङ् (आत्मने.): अलाभयत · विधिलिङ्: लाभयेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): लाभयेत · आशीर्लिङ्: लाभ्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): लाभयिषीष्ट · लुङ्: अललाभत् · लुङ् (आत्मने.): अललाभत · लृङ्: अलाभयिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अलाभयिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: लाभन · ण्वुल्: लाभकः · तृच्: लाभयिता · यत्: लाभ्यः · तव्य: लाभयितव्यः · अनीयर्: लाभनीयः · क्त: लाभितः · क्तवतु: लाभितवान् · शतृ: लाभयन् · स्य-शतृ: लाभयिष्यन् · शानच्: लाभयमानः · क्त्वा: लाभयित्वा · ल्यप्: प्रलाभ्य · तुमुन्: लाभयितुम् · णमुल्: लाभम् · क्तिन्: लाब्धि · क्वसु: लाभयाम्बभूवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| लाभयति | लाभ धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: लाभ धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक) | लाभयत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: लाभ + शतृ |
लाभयति ➤ प्रेरणा करना
संस्कृत: प्रेरणे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.४ सेकण्ड