॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: इच्छा करना, चाहना, रमन करना, रति करना
संस्कृत: ईप्सायाम्
अंग्रेज़ी: to desire,to seek,to play, to enjoy, to delight
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | लालयते | लालयेते | लालयन्ते |
| मध्यम | लालयसे | लालयेथे | लालयध्वे |
| उत्तम | लालये | लालयावहे | लालयामहे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): लालयते · लिट् (आत्मने.): लालयाञ्चक्रे · लुट् (आत्मने.): लालयिता · लृट् (आत्मने.): लालयिष्यते · लोट् (आत्मने.): लालयताम् · लङ् (आत्मने.): अलालयत · विधिलिङ् (आत्मने.): लालयेत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): लालयिषीष्ट · लुङ् (आत्मने.): अलीललत · लृङ् (आत्मने.): अलालयिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: लालन · ण्वुल्: लालकः · तृच्: लालयिता · यत्: लाल्यः · तव्य: लालयितव्यः · अनीयर्: लालनीयः · क्त: लालितः · क्तवतु: लालितवान् · शानच्: लालयमानः · क्त्वा: लालयित्वा · ल्यप्: प्रलाल्य · तुमुन्: लालयितुम् · णमुल्: लालम् · क्तिन्: लाल्ति · क्वसु: लालयाम्बभूवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| लालयते | लल् धातु (चुरादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: ली धातु (दिवादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक) | ली धातु (क्र्यादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक) |
लालयते ➤ इच्छा करना, चाहना, रमन करना, रति करना
संस्कृत: ईप्सायाम्
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.३ सेकण्ड