॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: नष्ट होना, गुप्त होना, अदृश्य होना
संस्कृत: अदर्शने
अंग्रेज़ी: to be invisible,to be hidden, to be destroyed
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | लुम्बति / लुम्बयति | लुम्बतः / लुम्बयतः | लुम्बन्ति / लुम्बयन्ति |
| मध्यम | लुम्बयसि / लुम्बसि | लुम्बथः / लुम्बयथः | लुम्बथ / लुम्बयथ |
| उत्तम | लुम्बयामि / लुम्बामि | लुम्बयावः / लुम्बावः | लुम्बयामः / लुम्बामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: लुम्बति · लट् (आत्मने.): लुम्बयते · लिट्: लुम्बयाञ्चकार · लिट् (आत्मने.): लुम्बयाञ्चक्रे · लुट्: लुम्बयिता · लुट् (आत्मने.): लुम्बयिता · लृट्: लुम्बयिष्यति · लृट् (आत्मने.): लुम्बयिष्यते · लोट्: लुम्बतात् · लोट् (आत्मने.): लुम्बयताम् · लङ्: अलुम्बत् · लङ् (आत्मने.): अलुम्बयत · विधिलिङ्: लुम्बयेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): लुम्बयेत · आशीर्लिङ्: लुम्ब्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): लुम्बयिषीष्ट · लुङ्: अलुम्बीत् · लुङ् (आत्मने.): अलुलुम्बत · लृङ्: अलुम्बयिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अलुम्बयिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: लुम्बन · ण्वुल्: लुम्बकः · तृच्: लुम्बिता · यत्: लुम्ब्यः · ण्यत्: लुम्ब्यः · तव्य: लुम्बितव्यः · अनीयर्: लुम्बनीयः · क्त: लुम्बितः · क्तवतु: लुम्बितवान् · शतृ: लुम्बन् · स्य-शतृ: लुम्बिष्यन् · शानच्: लुम्बयमानः · क्त्वा: लुम्बित्वा · ल्यप्: प्रलुम्ब्य · तुमुन्: लुम्बितुम् · णमुल्: लुम्बम् · घञ्: लुम्बः · क्तिन्: लुम्प्ति · क्वसु: लुलुम्ब्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| लुम्बति | लुम्ब् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: लुम्ब् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन | लुम्बत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: लुम्ब् + शतृ |
लुम्बति ➤ नष्ट होना, गुप्त होना, अदृश्य होना
संस्कृत: अदर्शने
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड