॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: चाटना, चरवाना
संस्कृत: आस्वादने
अंग्रेज़ी: to lick, to taste, to pasture
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | लेढि | लीढः | लिहन्ति |
| मध्यम | लेक्षि | लीढः | लीढ |
| उत्तम | लेह्मि | लिह्वः | लिह्मः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: लेढि · लट् (आत्मने.): लीढे · लिट्: लिलेह · लिट् (आत्मने.): लिलिहे · लुट्: लेढा · लुट् (आत्मने.): लेढा · लृट्: लेक्ष्यति · लृट् (आत्मने.): लेक्ष्यते · लोट्: लीढात् · लोट् (आत्मने.): लीढाम् · लङ्: अलेट् · लङ् (आत्मने.): अलीढ · विधिलिङ्: लिह्यात् · विधिलिङ् (आत्मने.): लिहीत · आशीर्लिङ्: लिह्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): लिक्षीष्ट · लुङ्: अलिक्षत् · लुङ् (आत्मने.): अलिक्षत · लृङ्: अलेक्ष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अलेक्ष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: लेहन · ण्वुल्: लेहकः · तृच्: लेढा · ण्यत्: लेह्यः · तव्य: लेढव्यः · अनीयर्: लेहनीयः · क्त: लीढः · क्तवतु: लीढवान् · शतृ: लिहन् · स्य-शतृ: लेक्ष्यन् · शानच्: लिहानः · क्त्वा: लीढ्वा · ल्यप्: प्रलिह्य · तुमुन्: लेढुम् · णमुल्: लेहम् · घञ्: लेहः · क्तिन्: लीढि · क्वसु: लिलिह्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| लेढि | लिह् धातु (अदादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन |
लेढि ➤ चाटना, चरवाना
संस्कृत: आस्वादने
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड