॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: देखना
संस्कृत: दर्शने
अंग्रेज़ी: to see,to perceive
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | लोचते | लोचेते | लोचन्ते |
| मध्यम | लोचसे | लोचेथे | लोचध्वे |
| उत्तम | लोचे | लोचावहे | लोचामहे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): लोचते · लिट् (आत्मने.): लुलोचे · लुट् (आत्मने.): लोचिता · लृट् (आत्मने.): लोचिष्यते · लोट् (आत्मने.): लोचताम् · लङ् (आत्मने.): अलोचत · विधिलिङ् (आत्मने.): लोचेत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): लोचिषीष्ट · लुङ् (आत्मने.): अलोचिष्ट · लृङ् (आत्मने.): अलोचिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: लोचन · ण्वुल्: लोचकः · तृच्: लोचिता · ण्यत्: लोच्यः · तव्य: लोचितव्यः · अनीयर्: लोचनीयः · क्त: लोचितः · क्तवतु: लोचितवान् · शानच्: लोचमानः · क्त्वा: लोचित्वा · ल्यप्: प्रलोच्य · तुमुन्: लोचितुम् · णमुल्: लोचम् · घञ्: लोकः · क्तिन्: लोक्ति · क्वसु: लुलोच्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| लोचते | लोच् धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: लोचता (स्त्री.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: लोच + तल् (भाववाचक) | लोचत् (पुं.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: लोच् + शतृ |
लोचते ➤ देखना
संस्कृत: दर्शने
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.३ सेकण्ड