॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: जाना
संस्कृत: गतौ
अंग्रेज़ी: to go
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | वयते | वयेते | वयन्ते |
| मध्यम | वयसे | वयेथे | वयध्वे |
| उत्तम | वये | वयावहे | वयामहे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): वयते · लिट् (आत्मने.): ववये · लुट् (आत्मने.): वयिता · लृट् (आत्मने.): वयिष्यते · लोट् (आत्मने.): वयताम् · लङ् (आत्मने.): अवयत · विधिलिङ् (आत्मने.): वयेत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): वयिषीष्ट · लुङ् (आत्मने.): अवयिष्ट · लृङ् (आत्मने.): अवयिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: वयन · ण्वुल्: वायकः · तृच्: वयिता · ण्यत्: वाय्यः · तव्य: वयितव्यः · अनीयर्: वयनीयः · क्त: वयितः · क्तवतु: वयितवान् · शानच्: वयमानः · क्त्वा: वयित्वा · ल्यप्: प्रवय्य · तुमुन्: वयितुम् · णमुल्: वायम् · घञ्: वायः · क्तिन्: व्ति · क्वसु: व्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| वयते | वय् धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: वे धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन | वयता (स्त्री.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: वय + तल् (भाववाचक) |
वयते ➤ जाना
संस्कृत: गतौ
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड