🕉️ 28 October 2026, Wednesday · 07:24:20 PM · CDSHARMA.IN

🕉️ श्लोकार्थ-बोधिनी

॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण

मार्जयतु

लम्बा गद्य (४००० अक्षर तक) भी लिख सकते हैं — वाक्य-वार विश्लेषण होगा। एक शब्द लिखने पर उसका अर्थ, सभी सम्भावित रूप, और पूरी शब्दरूप/धातुरूप तालिका दिखेगी।

🔎 पहचाना गया: एक शब्द

🔔 मूलशब्दः

वर्णयति

🌸 पदच्छेदः स्वचालित

वर्णयति

"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद

📖 शब्दकोशः — शब्द का पूर्ण परिचय कोश-आधारित

वर्णयति

अर्थ: आज्ञा करना, प्रेरणा करना, रंग देना, रंगना, खींचना, संकोच करना

संस्कृत: प्रेरणे

अंग्रेज़ी: to order, to motivate, to inspire, to paint, to color

सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):

  1. वर्ण् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
  2. वर्ण धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
  3. वृण् धातु (तुदादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक)
  4. वर्ण् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक)
  5. वर्ण धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक)
  6. वर्णयत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: वर्ण् + शतृ
  7. वर्णयत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: वर्ण् + शतृ

  📘 धातु-रूपावली में सभी लकार

धातुरूप — वर्ण् (चुरादिगण) · अर्थ: आज्ञा करना, प्रेरणा करना, रंग देना, रंगना, खींचना, संकोच करना (प्रेरणे)

लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमवर्णयतिवर्णयतःवर्णयन्ति
मध्यमवर्णयसिवर्णयथःवर्णयथ
उत्तमवर्णयामिवर्णयावःवर्णयामः

दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: वर्णयति · लट् (आत्मने.): वर्णयते · लिट्: वर्णयाञ्चकार · लिट् (आत्मने.): वर्णयाञ्चक्रे · लुट्: वर्णयिता · लुट् (आत्मने.): वर्णयिता · लृट्: वर्णयिष्यति · लृट् (आत्मने.): वर्णयिष्यते · लोट्: वर्णयतात् · लोट् (आत्मने.): वर्णयताम् · लङ्: अवर्णयत् · लङ् (आत्मने.): अवर्णयत · विधिलिङ्: वर्णयेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): वर्णयेत · आशीर्लिङ्: वर्ण्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): वर्णयिषीष्ट · लुङ्: अववर्णत् · लुङ् (आत्मने.): अववर्णत · लृङ्: अवर्णयिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अवर्णयिष्यत

प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: वर्णन · ण्वुल्: वर्णकः · तृच्: वर्णयिता · यत्: वर्ण्यः · तव्य: वर्णयितव्यः · अनीयर्: वर्णनीयः · क्त: वर्णितः · क्तवतु: वर्णितवान् · शतृ: वर्णयन् · स्य-शतृ: वर्णयिष्यन् · शानच्: वर्णयमानः · क्त्वा: वर्णयित्वा · ल्यप्: प्रवर्ण्य · तुमुन्: वर्णयितुम् · णमुल्: वर्णम् · क्तिन्: वर्ण्टि · क्वसु: वर्णयाम्बभूवान्

🌹 पदपरिचयः स्वचालित

पदम्विवरणम्
वर्णयतिवर्ण् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
अन्य सम्भावना: वर्ण धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन | वृण् धातु (तुदादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक)

🌷 पदार्थः कोश-आधारित

वर्णयति ➤ आज्ञा करना, प्रेरणा करना, रंग देना, रंगना, खींचना, संकोच करना
संस्कृत: प्रेरणे

📚 अमरकोश-सम्बन्धः अमरकोश

इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।

⚙️ व्याकरणम् स्वचालित

❖ सन्धिः

इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।

❖ समासः

कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।

❖ कृदन्तः

कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।

❖ तद्धितान्तः

कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।

विश्लेषण-समय: ०.३ सेकण्ड

⚑ कोई विश्लेषण गलत लगा? सूचित करें — इससे साधन सुधरता है
यह साधन कैसे काम करता है: सब कुछ इसी वेबसाइट के सर्वर पर होता है — कोई बाहरी API/AI नहीं, आपका श्लोक कहीं भेजा या सहेजा नहीं जाता। पदच्छेद पाणिनीय सन्धि-नियमों के उल्टे प्रयोग से, पदपरिचय लगभग ७.५ लाख शब्द-रूपों व १.२ लाख प्रातिपदिकों के कोश से, अर्थ आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश व अमरकोश से, और अन्वय विभक्ति-क्रम के नियमों से बनता है। स्वचालित होने से कहीं-कहीं विकल्प गलत चुना जा सकता है (हर पद के "अन्य सम्भावना" देखें); श्रीमद्भागवत के श्लोकों पर साइट की जाँची हुई टीका दिखती है।
शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (शब्दरूप, धातुरूप, आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश, अमरकोश) · सूत्र-लिंक: लघुसिद्धान्तकौमुदी।
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