॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: ढकना, वस्त्र पहनना, ओढ़ना, पोशाख धारण करना
संस्कृत: आच्छादने
अंग्रेज़ी: to cover, to wear, to pull, to dress
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | वस्ते | वसाते | वसते |
| मध्यम | वस्से | वसाथे | वध्वे |
| उत्तम | वसे | वस्वहे | वस्महे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): वस्ते · लिट् (आत्मने.): ववसे · लुट् (आत्मने.): वसिता · लृट् (आत्मने.): वसिष्यते · लोट् (आत्मने.): वस्ताम् · लङ् (आत्मने.): अवस्त · विधिलिङ् (आत्मने.): वसीत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): वसिषीष्ट · लुङ् (आत्मने.): अवसिष्ट · लृङ् (आत्मने.): अवसिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: वसन · ण्वुल्: वासकः · तृच्: वसिता · ण्यत्: वास्यः · तव्य: वसितव्यः · अनीयर्: वसनीयः · क्त: वसितः · क्तवतु: वसितवान् · शानच्: वसानः · क्त्वा: वसित्वा · ल्यप्: प्रवस्य · तुमुन्: वसितुम् · णमुल्: वासम् · घञ्: वासः · क्तिन्: वस्ति · क्वसु: ववस्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| वस्ते | वस् धातु (अदादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: वस्त (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: वस् + क्त | वस्ति (पुं.) — सम्बोधन, एकवचन |
वस्ते ➤ ढकना, वस्त्र पहनना, ओढ़ना, पोशाख धारण करना
संस्कृत: आच्छादने
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड