॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: सुखना, सुखाना, शुष्क होना
संस्कृत: शोषणे
अंग्रेज़ी: to dry,to wither
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | वायति | वायतः | वायन्ति |
| मध्यम | वायसि | वायथः | वायथ |
| उत्तम | वायामि | वायावः | वायामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: वायति · लिट्: ववौ · लुट्: वाता · लृट्: वास्यति · लोट्: वायतात् · लङ्: अवायत् · विधिलिङ्: वायेत् · आशीर्लिङ्: वायात् · लुङ्: अवासीत् · लृङ्: अवास्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: वान · ण्वुल्: वायकः · तृच्: वाता · यत्: वेयः · तव्य: वातव्यः · अनीयर्: वानीयः · क्त: वानः · क्तवतु: वानवान् · शतृ: वायन् · स्य-शतृ: वास्यन् · क्त्वा: वात्वा · ल्यप्: प्रवाय · तुमुन्: वातुम् · णमुल्: वायम् · घञ्: वायः · क्तिन्: वाति · क्वसु: वविवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| वायति | वै धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: वायता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: वाय + तल् (भाववाचक) | वायत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: वै + शतृ |
वायति ➤ सुखना, सुखाना, शुष्क होना
संस्कृत: शोषणे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड