॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: जाना
संस्कृत: गतौ
अंग्रेज़ी: to go
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | विच्छायति | विच्छायतः | विच्छायन्ति |
| मध्यम | विच्छायसि | विच्छायथः | विच्छायथ |
| उत्तम | विच्छायामि | विच्छायावः | विच्छायामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: विच्छायति · लिट्: विच्छायाञ्चकार · लुट्: विच्छायिता · लृट्: विच्छायिष्यति · लोट्: विच्छायतात् · लङ्: अविच्छायत् · विधिलिङ्: विच्छायेत् · आशीर्लिङ्: विच्छाय्यात् · लुङ्: अविच्छायीत् · लृङ्: अविच्छायिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: विच्छन · ण्वुल्: विच्छकः · तृच्: विच्छिता · यत्: विच्छाय्यः · ण्यत्: विच्छ्यः · तव्य: विच्छितव्यः · अनीयर्: विच्छनीयः · क्त: विच्छितः · क्तवतु: विच्छितवान् · शतृ: विच्छायन् · स्य-शतृ: विच्छायिष्यन् · क्त्वा: विच्छित्वा · ल्यप्: प्रविच्छ्य · तुमुन्: विच्छितुम् · णमुल्: विच्छम् · घञ्: विच्छः · क्तिन्: विष्टि · क्वसु: विविच्छ्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| विच्छायति | विच्छ् धातु (तुदादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: विच्छ् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन | विच्छायत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: विच्छ् + शतृ |
विच्छायति ➤ जाना
संस्कृत: गतौ
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.३ सेकण्ड