॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: डरना, डर से कम्पित होना, कांपना, अपद्ग्रस्त होना, विपत्ति में पड़ना
संस्कृत: भयचलनयोः
अंग्रेज़ी: to fear,to tremble, to shiver, to have disaster
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | विजते | विजेते | विजन्ते |
| मध्यम | विजसे | विजेथे | विजध्वे |
| उत्तम | विजे | विजावहे | विजामहे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): विजते · लिट् (आत्मने.): विविजे · लुट् (आत्मने.): विजिता · लृट् (आत्मने.): विजिष्यते · लोट् (आत्मने.): विजताम् · लङ् (आत्मने.): अविजत · विधिलिङ् (आत्मने.): विजेत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): विजिषीष्ट · लुङ् (आत्मने.): अविजिष्ट · लृङ् (आत्मने.): अविजिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: वेजन · ण्वुल्: वेजकः · तृच्: विजिता · ण्यत्: वेज्यः · तव्य: विजितव्यः · अनीयर्: वेजनीयः · क्त: विग्नः · क्तवतु: विग्नवान् · शानच्: विजमानः · क्त्वा: विजित्वा · ल्यप्: प्रविज्य · तुमुन्: विजितुम् · णमुल्: वेजम् · घञ्: वेगः · क्तिन्: विक्ति · क्वसु: विविज्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| विजते | विज् धातु (तुदादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन |
विजते ➤ डरना, डर से कम्पित होना, कांपना, अपद्ग्रस्त होना, विपत्ति में पड़ना
संस्कृत: भयचलनयोः
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड