॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: विधान करना, नियम बनाना
संस्कृत: विधाने
अंग्रेज़ी: to mention, to make a rule, to state
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | विधति | विधतः | विधन्ति |
| मध्यम | विधसि | विधथः | विधथ |
| उत्तम | विधामि | विधावः | विधामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: विधति · लिट्: विवेध · लुट्: वेधिता · लृट्: वेधिष्यति · लोट्: विधतात् · लङ्: अविधत् · विधिलिङ्: विधेत् · आशीर्लिङ्: विध्यात् · लुङ्: अवेधीत् · लृङ्: अवेधिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: वेधन · ण्वुल्: वेधकः · तृच्: वेधिता · ण्यत्: वेध्यः · तव्य: वेधितव्यः · अनीयर्: वेधनीयः · क्त: विधितः · क्तवतु: विधितवान् · शतृ: विधन् · स्य-शतृ: वेधिष्यन् · क्त्वा: विधित्वा · ल्यप्: प्रविध्य · तुमुन्: वेधितुम् · णमुल्: वेधम् · घञ्: वेधः · क्तिन्: विद्धि · क्वसु: विविध्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| विधति | विध् धातु (तुदादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: विधता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: विध + तल् (भाववाचक) | विधत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: विध् + शतृ |
विधति ➤ विधान करना, नियम बनाना
संस्कृत: विधाने
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड