॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: योजित करना, पसन्द करना, ढकना
संस्कृत: वरणे
अंग्रेज़ी: to cover, to like, to prefer, to choose, to select
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | वृक्षते | वृक्षेते | वृक्षन्ते |
| मध्यम | वृक्षसे | वृक्षेथे | वृक्षध्वे |
| उत्तम | वृक्षे | वृक्षावहे | वृक्षामहे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): वृक्षते · लिट् (आत्मने.): ववृक्षे · लुट् (आत्मने.): वृक्षिता · लृट् (आत्मने.): वृक्षिष्यते · लोट् (आत्मने.): वृक्षताम् · लङ् (आत्मने.): अवृक्षत · विधिलिङ् (आत्मने.): वृक्षेत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): वृक्षिषीष्ट · लुङ् (आत्मने.): अवृक्षिष्ट · लृङ् (आत्मने.): अवृक्षिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: वृक्षण · ण्वुल्: वृक्षकः · तृच्: वृक्षिता · ण्यत्: वृक्ष्यः · तव्य: वृक्षितव्यः · अनीयर्: वृक्षणीयः · क्त: वृक्षितः · क्तवतु: वृक्षितवान् · शानच्: वृक्षमाणः · क्त्वा: वृक्षित्वा · ल्यप्: प्रवृक्ष्य · तुमुन्: वृक्षितुम् · णमुल्: वृक्षम् · घञ्: वृक्षः · क्तिन्: वृष्टि · क्वसु: ववृक्ष्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| वृक्षते | वृक्ष् धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: वृक्षता (स्त्री.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: वृक्ष + तल् (भाववाचक) | वृक्षता (स्त्री.) — सम्बोधन, एकवचन · तद्धित: वृक्ष + तल् (भाववाचक) |
वृक्षते ➤ योजित करना, पसन्द करना, ढकना
संस्कृत: वरणे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड