॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: आनन्द करना, संतोष पाना
संस्कृत: प्रीणने
अंग्रेज़ी: to be happy, to be contented
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | वृणति | वृणतः | वृणन्ति |
| मध्यम | वृणसि | वृणथः | वृणथ |
| उत्तम | वृणामि | वृणावः | वृणामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: वृणति · लिट्: ववर्ण · लुट्: वर्णिता · लृट्: वर्णिष्यति · लोट्: वृणतात् · लङ्: अवृणत् · विधिलिङ्: वृणेत् · आशीर्लिङ्: वृण्यात् · लुङ्: अवर्णीत् · लृङ्: अवर्णिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: वर्णन · ण्वुल्: वर्णकः · तृच्: वर्णिता · तव्य: वर्णितव्यः · अनीयर्: वर्णनीयः · क्त: वृणितः · क्तवतु: वृणितवान् · शतृ: वृणन् · स्य-शतृ: वर्णिष्यन् · क्त्वा: वर्णित्वा · ल्यप्: प्रवृण्य · तुमुन्: वर्णितुम् · णमुल्: वर्णम् · घञ्: वर्णः · क्तिन्: वीर्ण्टि · क्वसु: ववृण्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| वृणति | वृण् धातु (तुदादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: वृणत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: वृण् + शतृ | वृणत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: वृण् + शतृ |
वृणति ➤ आनन्द करना, संतोष पाना
संस्कृत: प्रीणने
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड