॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: मांगना, याचना करना
संस्कृत: याचने
अंग्रेज़ी: to beg,to ask
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | वेथते | वेथेते | वेथन्ते |
| मध्यम | वेथसे | वेथेथे | वेथध्वे |
| उत्तम | वेथे | वेथावहे | वेथामहे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): वेथते · लिट् (आत्मने.): विविथे · लुट् (आत्मने.): वेथिता · लृट् (आत्मने.): वेथिष्यते · लोट् (आत्मने.): वेथताम् · लङ् (आत्मने.): अवेथत · विधिलिङ् (आत्मने.): वेथेत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): वेथिषीष्ट · लुङ् (आत्मने.): अवेथिष्ट · लृङ् (आत्मने.): अवेथिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: वेथन · ण्वुल्: वेथकः · तृच्: वेथिता · ण्यत्: वेथ्यः · तव्य: वेथितव्यः · अनीयर्: वेथनीयः · क्त: विथितः · क्तवतु: विथितवान् · शानच्: वेथमानः · क्त्वा: विथित्वा · ल्यप्: प्रविथ्य · तुमुन्: वेथितुम् · णमुल्: वेथम् · घञ्: वेथः · क्तिन्: वित्ति · क्वसु: विविथ्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| वेथते | विथ् धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: वेथ् धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन | वेथता (स्त्री.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: विथ् + घञ् · तद्धित: वेथ + तल् (भाववाचक) |
वेथते ➤ मांगना, याचना करना
संस्कृत: याचने
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.३ सेकण्ड