॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: शाखा फैलना, डालें पैदा होना
संस्कृत: व्याप्तौ
अंग्रेज़ी: to pervade, to spread, to penetrate, to occupy
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | शाखति | शाखतः | शाखन्ति |
| मध्यम | शाखसि | शाखथः | शाखथ |
| उत्तम | शाखामि | शाखावः | शाखामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: शाखति · लिट्: शशाख · लुट्: शाखिता · लृट्: शाखिष्यति · लोट्: शाखतात् · लङ्: अशाखत् · विधिलिङ्: शाखेत् · आशीर्लिङ्: शाख्यात् · लुङ्: अशाखीत् · लृङ्: अशाखिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: शाखन · ण्वुल्: शाखकः · तृच्: शाखिता · ण्यत्: शाख्यः · तव्य: शाखितव्यः · अनीयर्: शाखनीयः · क्त: शाखितः · क्तवतु: शाखितवान् · शतृ: शाखन् · स्य-शतृ: शाखिष्यन् · क्त्वा: शाखित्वा · ल्यप्: प्रशाख्य · तुमुन्: शाखितुम् · णमुल्: शाखम् · घञ्: शाखः · क्तिन्: शाक्ति · क्वसु: शशाख्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| शाखति | शाख् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: शाखता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: शाख + तल् (भाववाचक) | शाखत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: शाख् + शतृ |
शाखति ➤ शाखा फैलना, डालें पैदा होना
संस्कृत: व्याप्तौ
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड