॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: ठीक न बनाना, आधा ही छोड़ना, असंस्कृत रखना, जाना, चलना
संस्कृत: असंस्कारगत्योः
अंग्रेज़ी: to cheat,to fraud, to leave unfinished, to leave unattended, to ill-behave
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | शाठयते | शाठयेते | शाठयन्ते |
| मध्यम | शाठयसे | शाठयेथे | शाठयध्वे |
| उत्तम | शाठये | शाठयावहे | शाठयामहे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: शाठयति · लट् (आत्मने.): शाठयते · लिट्: शाठयाञ्चकार · लिट् (आत्मने.): शाठयाञ्चक्रे · लुट्: शाठयिता · लुट् (आत्मने.): शाठयिता · लृट्: शाठयिष्यति · लृट् (आत्मने.): शाठयिष्यते · लोट्: शाठयतात् · लोट् (आत्मने.): शाठयताम् · लङ्: अशाठयत् · लङ् (आत्मने.): अशाठयत · विधिलिङ्: शाठयेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): शाठयेत · आशीर्लिङ्: शाठ्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): शाठयिषीष्ट · लुङ्: अशीशठत् · लुङ् (आत्मने.): अशीशठत · लृङ्: अशाठयिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अशाठयिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: शाठन · ण्वुल्: शाठकः · तृच्: शाठयिता · यत्: शाठ्यः · तव्य: शाठयितव्यः · अनीयर्: शाठनीयः · क्त: शाठितः · क्तवतु: शाठितवान् · शतृ: शाठयन् · स्य-शतृ: शाठयिष्यन् · शानच्: शाठयमानः · क्त्वा: शाठयित्वा · ल्यप्: प्रशाठ्य · तुमुन्: शाठयितुम् · णमुल्: शाठम् · क्तिन्: शाट्टि · क्वसु: शाठयाम्बभूवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| शाठयते | शठ् धातु (चुरादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: शठ् धातु (चुरादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक) | शठ् धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक) |
शाठयते ➤ ठीक न बनाना, आधा ही छोड़ना, असंस्कृत रखना, जाना, चलना
संस्कृत: असंस्कारगत्योः
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.५ सेकण्ड