॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: प्रशंसा करना, स्तुति करना
संस्कृत: श्लाघायाम्
अंग्रेज़ी: to praise
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | शाडते | शाडेते | शाडन्ते |
| मध्यम | शाडसे | शाडेथे | शाडध्वे |
| उत्तम | शाडे | शाडावहे | शाडामहे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): शाडते · लिट् (आत्मने.): शशाडे · लुट् (आत्मने.): शाडिता · लृट् (आत्मने.): शाडिष्यते · लोट् (आत्मने.): शाडताम् · लङ् (आत्मने.): अशाडत · विधिलिङ् (आत्मने.): शाडेत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): शाडिषीष्ट · लुङ् (आत्मने.): अशाडिष्ट · लृङ् (आत्मने.): अशाडिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: शाडन · ण्वुल्: शाडकः · तृच्: शाडिता · ण्यत्: शाड्यः · तव्य: शाडितव्यः · अनीयर्: शाडनीयः · क्त: शाडितः · क्तवतु: शाडितवान् · शानच्: शाडमानः · क्त्वा: शाडित्वा · ल्यप्: प्रशाड्य · तुमुन्: शाडितुम् · णमुल्: शाडम् · घञ्: शाडः · क्तिन्: शाट्टि · क्वसु: शशाड्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| शाडते | शाड् धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: शाडता (स्त्री.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: शाड् + घञ् · तद्धित: शाड + तल् (भाववाचक) | शाडता (स्त्री.) — सम्बोधन, एकवचन · कृदन्त: शाड् + घञ् · तद्धित: शाड + तल् (भाववाचक) |
शाडते ➤ प्रशंसा करना, स्तुति करना
संस्कृत: श्लाघायाम्
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.४ सेकण्ड