॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: बीनना, एक एक कर के बीनना
संस्कृत: उञ्छे
अंग्रेज़ी: to glean
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | शिलति | शिलतः | शिलन्ति |
| मध्यम | शिलसि | शिलथः | शिलथ |
| उत्तम | शिलामि | शिलावः | शिलामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: शिलति · लिट्: शिशेल · लुट्: शेलिता · लृट्: शेलिष्यति · लोट्: शिलतात् · लङ्: अशिलत् · विधिलिङ्: शिलेत् · आशीर्लिङ्: शिल्यात् · लुङ्: अशेलीत् · लृङ्: अशेलिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: शेलन · ण्वुल्: शेलकः · तृच्: शेलिता · ण्यत्: शेल्यः · तव्य: शेलितव्यः · अनीयर्: शेलनीयः · क्त: शिलितः · क्तवतु: शिलितवान् · शतृ: शिलन् · स्य-शतृ: शेलिष्यन् · क्त्वा: शिलित्वा · ल्यप्: प्रशिल्य · तुमुन्: शेलितुम् · णमुल्: शेलम् · घञ्: शेलः · क्तिन्: शिल्ति · क्वसु: शिशिल्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| शिलति | शिल् धातु (तुदादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: शिलता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: शिल + तल् (भाववाचक) | शिलत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: शिल् + शतृ |
शिलति ➤ बीनना, एक एक कर के बीनना
संस्कृत: उञ्छे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड