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🕉️ श्लोकार्थ-बोधिनी

॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण

मार्जयतु

लम्बा गद्य (४००० अक्षर तक) भी लिख सकते हैं — वाक्य-वार विश्लेषण होगा। एक शब्द लिखने पर उसका अर्थ, सभी सम्भावित रूप, और पूरी शब्दरूप/धातुरूप तालिका दिखेगी।

🔎 पहचाना गया: एक शब्द

🔔 मूलशब्दः

शुच्यति

🌸 पदच्छेदः स्वचालित

शुच्यति

"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद

📖 शब्दकोशः — शब्द का पूर्ण परिचय कोश-आधारित

शुच्यति

अर्थ: शुद्ध होना, स्नान करना, पवित्र होना

संस्कृत: पूतीभावे

अंग्रेज़ी: to be wet,to be clean,to be purified

सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):

  1. शुच् धातु (दिवादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
  2. शुच्य् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
  3. शुच्यत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: शुच्य् + शतृ
  4. शुच्यता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: शुच्य् + ण्यत् · तद्धित: शुच्य + तल् (भाववाचक)
  5. शुच्यत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: शुच्य् + शतृ

  📘 धातु-रूपावली में सभी लकार

धातुरूप — शुच् (दिवादिगण) · अर्थ: शुद्ध होना, स्नान करना, पवित्र होना (पूतीभावे)

लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमशुच्यतिशुच्यतःशुच्यन्ति
मध्यमशुच्यसिशुच्यथःशुच्यथ
उत्तमशुच्यामिशुच्यावःशुच्यामः

दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: शुच्यति · लट् (आत्मने.): शुच्यते · लिट्: शुशोच · लिट् (आत्मने.): शुशुचे · लुट्: शोचिता · लुट् (आत्मने.): शोचिता · लृट्: शोचिष्यति · लृट् (आत्मने.): शोचिष्यते · लोट्: शुच्यतात् · लोट् (आत्मने.): शुच्यताम् · लङ्: अशुच्यत् · लङ् (आत्मने.): अशुच्यत · विधिलिङ्: शुच्येत् · विधिलिङ् (आत्मने.): शुच्येत · आशीर्लिङ्: शुच्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): शोचिषीष्ट · लुङ्: अशुचत् · लुङ् (आत्मने.): अशोचिष्ट · लृङ्: अशोचिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अशोचिष्यत

प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: शोचन · ण्वुल्: शोचकः · तृच्: शोचिता · ण्यत्: शोच्यः · तव्य: शोचितव्यः · अनीयर्: शोचनीयः · क्त: शुक्तः · क्तवतु: शुक्तवान् · शतृ: शुच्यन् · स्य-शतृ: शोचिष्यन् · शानच्: शुच्यमानः · क्त्वा: शुचित्वा · ल्यप्: प्रशुच्य · तुमुन्: शोचितुम् · णमुल्: शोचम् · घञ्: शोकः · क्तिन्: शुक्ति · क्वसु: शुशुच्वान्

🌹 पदपरिचयः स्वचालित

पदम्विवरणम्
शुच्यतिशुच् धातु (दिवादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
अन्य सम्भावना: शुच्य् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन | शुच्यत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: शुच्य् + शतृ

🌷 पदार्थः कोश-आधारित

शुच्यति ➤ शुद्ध होना, स्नान करना, पवित्र होना
संस्कृत: पूतीभावे

📚 अमरकोश-सम्बन्धः अमरकोश

इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।

⚙️ व्याकरणम् स्वचालित

❖ सन्धिः

इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।

❖ समासः

कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।

❖ कृदन्तः

कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।

❖ तद्धितान्तः

कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।

विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड

⚑ कोई विश्लेषण गलत लगा? सूचित करें — इससे साधन सुधरता है
यह साधन कैसे काम करता है: सब कुछ इसी वेबसाइट के सर्वर पर होता है — कोई बाहरी API/AI नहीं, आपका श्लोक कहीं भेजा या सहेजा नहीं जाता। पदच्छेद पाणिनीय सन्धि-नियमों के उल्टे प्रयोग से, पदपरिचय लगभग ७.५ लाख शब्द-रूपों व १.२ लाख प्रातिपदिकों के कोश से, अर्थ आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश व अमरकोश से, और अन्वय विभक्ति-क्रम के नियमों से बनता है। स्वचालित होने से कहीं-कहीं विकल्प गलत चुना जा सकता है (हर पद के "अन्य सम्भावना" देखें); श्रीमद्भागवत के श्लोकों पर साइट की जाँची हुई टीका दिखती है।
शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (शब्दरूप, धातुरूप, आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश, अमरकोश) · सूत्र-लिंक: लघुसिद्धान्तकौमुदी।
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