॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: शुद्ध होना, पवित्र होना
संस्कृत: शौचे
अंग्रेज़ी: to become pure
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | शुध्यति | शुध्यतः | शुध्यन्ति |
| मध्यम | शुध्यसि | शुध्यथः | शुध्यथ |
| उत्तम | शुध्यामि | शुध्यावः | शुध्यामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: शुध्यति · लिट्: शुशोध · लुट्: शोद्धा · लृट्: शोत्स्यति · लोट्: शुध्यतात् · लङ्: अशुध्यत् · विधिलिङ्: शुध्येत् · आशीर्लिङ्: शुध्यात् · लुङ्: अशुधत् · लृङ्: अशोत्स्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: शोधन · ण्वुल्: शोधकः · तृच्: शोद्धा · ण्यत्: शोध्यः · तव्य: शोद्धव्यः · अनीयर्: शोधनीयः · क्त: शुद्धः · क्तवतु: शुद्धवान् · शतृ: शुध्यन् · स्य-शतृ: शोत्स्यन् · क्त्वा: शुद्ध्वा · ल्यप्: प्रशुध्य · तुमुन्: शोद्धुम् · णमुल्: शोधम् · घञ्: शोधः · क्तिन्: शुद्धि · क्वसु: शुशुध्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| शुध्यति | शुध् धातु (दिवादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: शुध्यत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: शुध् + शतृ | शुध्यत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: शुध् + शतृ |
शुध्यति ➤ शुद्ध होना, पवित्र होना
संस्कृत: शौचे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड