॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: शुष्क होना, सूखना
संस्कृत: शोषणे
अंग्रेज़ी: to become dry
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | शुष्यति | शुष्यतः | शुष्यन्ति |
| मध्यम | शुष्यसि | शुष्यथः | शुष्यथ |
| उत्तम | शुष्यामि | शुष्यावः | शुष्यामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: शुष्यति · लिट्: शुशोष · लुट्: शोष्टा · लृट्: शोक्ष्यति · लोट्: शुष्यतात् · लङ्: अशुष्यत् · विधिलिङ्: शुष्येत् · आशीर्लिङ्: शुष्यात् · लुङ्: अशुषत् · लृङ्: अशोक्ष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: शोषण · ण्वुल्: शोषकः · तृच्: शोष्टा · ण्यत्: शोष्यः · तव्य: शोष्टव्यः · अनीयर्: शोषणीयः · क्त: शुष्कः · क्तवतु: शुष्कवान् · शतृ: शुष्यन् · स्य-शतृ: शोक्ष्यन् · क्त्वा: शुष्ट्वा · ल्यप्: प्रशुष्य · तुमुन्: शोष्टुम् · णमुल्: शोषम् · घञ्: शोषः · क्तिन्: शुष्टि · क्वसु: शुशुष्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| शुष्यति | शुष् धातु (दिवादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: शुष्यत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: शुष् + शतृ | शुष्यत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: शुष् + शतृ |
शुष्यति ➤ शुष्क होना, सूखना
संस्कृत: शोषणे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड