॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: हिन्दी अर्थ उपलब्ध नहीं
संस्कृत: गतौ
अंग्रेज़ी: to move, to go
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | शोकति | शोकतः | शोकन्ति |
| मध्यम | शोकसि | शोकथः | शोकथ |
| उत्तम | शोकामि | शोकावः | शोकामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: शोकति · लिट्: शुशोक · लुट्: शोकिता · लृट्: शोकिष्यति · लोट्: शोकतात् · लङ्: अशोकत् · विधिलिङ्: शोकेत् · आशीर्लिङ्: शुक्यात् · लुङ्: अशोकीत् · लृङ्: अशोकिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: शोकन · ण्वुल्: शोककः · तृच्: शोकिता · ण्यत्: शोक्यः · तव्य: शोकितव्यः · अनीयर्: शोकनीयः · क्त: शुकितः · क्तवतु: शुकितवान् · शतृ: शोकन् · स्य-शतृ: शोकिष्यन् · क्त्वा: शुकित्वा · ल्यप्: प्रशुक्य · तुमुन्: शोकितुम् · णमुल्: शोकम् · घञ्: शोकः · क्तिन्: शुक्ति · क्वसु: शुशुक्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| शोकति | शुक् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: शोकता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: शोक + तल् (भाववाचक) | शोकत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: शुक् + शतृ |
शोकति ➤ to move, to go (अंग्रेज़ी कोश)
संस्कृत: गतौ
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.३ सेकण्ड