🕉️ 28 October 2026, Wednesday · 07:21:23 PM · CDSHARMA.IN

🕉️ श्लोकार्थ-बोधिनी

॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण

मार्जयतु

लम्बा गद्य (४००० अक्षर तक) भी लिख सकते हैं — वाक्य-वार विश्लेषण होगा। एक शब्द लिखने पर उसका अर्थ, सभी सम्भावित रूप, और पूरी शब्दरूप/धातुरूप तालिका दिखेगी।

🔎 पहचाना गया: एक शब्द

🔔 मूलशब्दः

शोभते

🌸 पदच्छेदः स्वचालित

शोभते

"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद

📖 शब्दकोशः — शब्द का पूर्ण परिचय कोश-आधारित

शोभते

अर्थ: प्रकाशित होना, शोभा पाना

संस्कृत: दीप्तौ

अंग्रेज़ी: to glow, to shine, to appear beautiful, to suite

सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):

  1. शुभ् धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
  2. शोभत् (नपुं.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: शुभ् + शतृ
  3. शोभत् (पुं.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: शुभ् + शतृ
  4. शोभता (स्त्री.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: शुभ् + घञ् · तद्धित: शोभ + तल् (भाववाचक)
  5. शोभता (स्त्री.) — सम्बोधन, एकवचन · कृदन्त: शुभ् + घञ् · तद्धित: शोभ + तल् (भाववाचक)
  6. शोभता (स्त्री.) — प्रथमा विभक्ति, द्विवचन · कृदन्त: शुभ् + घञ् · तद्धित: शोभ + तल् (भाववाचक)
  7. शोभता (स्त्री.) — द्वितीया विभक्ति, द्विवचन · कृदन्त: शुभ् + घञ् · तद्धित: शोभ + तल् (भाववाचक)
  8. शोभता (स्त्री.) — सम्बोधन, द्विवचन · कृदन्त: शुभ् + घञ् · तद्धित: शोभ + तल् (भाववाचक)

  📘 धातु-रूपावली में सभी लकार

धातुरूप — शुभ् (भ्वादिगण) · अर्थ: प्रकाशित होना, शोभा पाना (दीप्तौ)

लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमशोभतेशोभेतेशोभन्ते
मध्यमशोभसेशोभेथेशोभध्वे
उत्तमशोभेशोभावहेशोभामहे

दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): शोभते · लिट् (आत्मने.): शुशुभे · लुट् (आत्मने.): शोभिता · लृट् (आत्मने.): शोभिष्यते · लोट् (आत्मने.): शोभताम् · लङ् (आत्मने.): अशोभत · विधिलिङ् (आत्मने.): शोभेत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): शोभिषीष्ट · लुङ्: अशुभत् · लुङ् (आत्मने.): अशोभिष्ट · लृङ् (आत्मने.): अशोभिष्यत

प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: शोभन · ण्वुल्: शोभकः · तृच्: शोभिता · ण्यत्: शोभ्यः · तव्य: शोभितव्यः · अनीयर्: शोभनीयः · क्त: शुभितः · क्तवतु: शुभितवान् · शानच्: शोभमानः · क्त्वा: शुभित्वा · ल्यप्: प्रशुभ्य · तुमुन्: शोभितुम् · णमुल्: शोभम् · घञ्: शोभः · क्तिन्: शुब्धि · क्वसु: शुशुभ्वान्

🌹 पदपरिचयः स्वचालित

पदम्विवरणम्
शोभतेशुभ् धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
अन्य सम्भावना: शोभत् (नपुं.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: शुभ् + शतृ | शोभत् (पुं.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: शुभ् + शतृ

🌷 पदार्थः कोश-आधारित

शोभते ➤ प्रकाशित होना, शोभा पाना
संस्कृत: दीप्तौ

📚 अमरकोश-सम्बन्धः अमरकोश

इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।

⚙️ व्याकरणम् स्वचालित

❖ सन्धिः

इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।

❖ समासः

कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।

❖ कृदन्तः

कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।

❖ तद्धितान्तः

कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।

विश्लेषण-समय: ०.४ सेकण्ड

⚑ कोई विश्लेषण गलत लगा? सूचित करें — इससे साधन सुधरता है
यह साधन कैसे काम करता है: सब कुछ इसी वेबसाइट के सर्वर पर होता है — कोई बाहरी API/AI नहीं, आपका श्लोक कहीं भेजा या सहेजा नहीं जाता। पदच्छेद पाणिनीय सन्धि-नियमों के उल्टे प्रयोग से, पदपरिचय लगभग ७.५ लाख शब्द-रूपों व १.२ लाख प्रातिपदिकों के कोश से, अर्थ आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश व अमरकोश से, और अन्वय विभक्ति-क्रम के नियमों से बनता है। स्वचालित होने से कहीं-कहीं विकल्प गलत चुना जा सकता है (हर पद के "अन्य सम्भावना" देखें); श्रीमद्भागवत के श्लोकों पर साइट की जाँची हुई टीका दिखती है।
शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (शब्दरूप, धातुरूप, आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश, अमरकोश) · सूत्र-लिंक: लघुसिद्धान्तकौमुदी।
💬 ज्योतिषीय प्रश्न पूछें