॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: मुक्त करना, छोड़ना, मारना, पीड़ा देना
संस्कृत: मोक्षणे हिंसायां च
अंग्रेज़ी: to set free, to leave, to kill, to destroy, to hurt
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | श्रथति / श्राथयति | श्रथतः / श्राथयतः | श्रथन्ति / श्राथयन्ति |
| मध्यम | श्रथसि / श्राथयसि | श्रथथः / श्राथयथः | श्रथथ / श्राथयथ |
| उत्तम | श्रथामि / श्राथयामि | श्रथावः / श्राथयावः | श्रथामः / श्राथयामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: श्रथति · लट् (आत्मने.): श्राथयते · लिट्: शश्राथ · लिट् (आत्मने.): श्राथयाञ्चक्रे · लुट्: श्रथिता · लुट् (आत्मने.): श्राथयिता · लृट्: श्रथिष्यति · लृट् (आत्मने.): श्राथयिष्यते · लोट्: श्रथतात् · लोट् (आत्मने.): श्राथयताम् · लङ्: अश्रथत् · लङ् (आत्मने.): अश्राथयत · विधिलिङ्: श्रथेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): श्राथयेत · आशीर्लिङ्: श्रथ्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): श्राथयिषीष्ट · लुङ्: अशिश्रथत् · लुङ् (आत्मने.): अशिश्रथत · लृङ्: अश्रथिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अश्राथयिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: श्रथन · ण्वुल्: श्राथकः · तृच्: श्रथिता · यत्: श्राथ्यः · ण्यत्: श्राथ्यः · तव्य: श्रथितव्यः · अनीयर्: श्रथनीयः · क्त: श्रथितः · क्तवतु: श्रथितवान् · शतृ: श्रथन् · स्य-शतृ: श्रथिष्यन् · शानच्: श्राथयमानः · क्त्वा: श्रथित्वा · ल्यप्: प्रश्रथ्य · तुमुन्: श्रथितुम् · णमुल्: श्राथम् · घञ्: श्राथः · क्तिन्: श्रत्ति · क्वसु: शश्रथ्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| श्रथति | श्रथ् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: श्रथ् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन | श्रथत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: श्रथ् + शतृ |
श्रथति ➤ मुक्त करना, छोड़ना, मारना, पीड़ा देना
संस्कृत: मोक्षणे हिंसायां च
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड