🕉️ 28 October 2026, Wednesday · 07:40:57 PM · CDSHARMA.IN

🕉️ श्लोकार्थ-बोधिनी

॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण

मार्जयतु

लम्बा गद्य (४००० अक्षर तक) भी लिख सकते हैं — वाक्य-वार विश्लेषण होगा। एक शब्द लिखने पर उसका अर्थ, सभी सम्भावित रूप, और पूरी शब्दरूप/धातुरूप तालिका दिखेगी।

🔎 पहचाना गया: एक शब्द

🔔 मूलशब्दः

श्रथ्नाति

🌸 पदच्छेदः स्वचालित

श्रथ्नाति

"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद

📖 शब्दकोशः — शब्द का पूर्ण परिचय कोश-आधारित

श्रथ्नाति

अर्थ: त्याग करना, विमोचन करना, आनन्द करना

संस्कृत: विमोचनप्रतिहर्षयोः

अंग्रेज़ी: to leave, to liberate, to set free, to be happy

सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):

  1. श्रन्थ् धातु (क्र्यादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन

  📘 धातु-रूपावली में सभी लकार

धातुरूप — श्रन्थ् (क्र्यादिगण) · अर्थ: त्याग करना, विमोचन करना, आनन्द करना (विमोचनप्रतिहर्षयोः)

लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमश्रथ्नातिश्रथ्नीतःश्रथ्नन्ति
मध्यमश्रथ्नासिश्रथ्नीथःश्रथ्नीथ
उत्तमश्रथ्नामिश्रथ्नीवःश्रथ्नीमः

दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: श्रथ्नाति · लिट्: शश्रन्थ · लुट्: श्रन्थिता · लृट्: श्रन्थिष्यति · लोट्: श्रथ्नातु · लङ्: अश्रथ्नात् · विधिलिङ्: श्रथ्नीयात् · आशीर्लिङ्: श्रथ्यात् · लुङ्: अश्रन्थीत् · लृङ्: अश्रन्थिष्यत्

प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: श्रन्थन · ण्वुल्: श्रन्थकः · तृच्: श्रन्थिता · ण्यत्: श्रन्थ्यः · तव्य: श्रन्थितव्यः · अनीयर्: श्रन्थनीयः · क्त: श्रथितः · क्तवतु: श्रथितवान् · शतृ: श्रथ्नन् · स्य-शतृ: श्रन्थिष्यन् · क्त्वा: श्रथित्वा · ल्यप्: प्रश्रथ्य · तुमुन्: श्रन्थितुम् · णमुल्: श्रन्थम् · घञ्: श्रन्थः · क्तिन्: श्रत्ति · क्वसु: श्रेथिवान्

🌹 पदपरिचयः स्वचालित

पदम्विवरणम्
श्रथ्नातिश्रन्थ् धातु (क्र्यादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन

🌷 पदार्थः कोश-आधारित

श्रथ्नाति ➤ त्याग करना, विमोचन करना, आनन्द करना
संस्कृत: विमोचनप्रतिहर्षयोः

📚 अमरकोश-सम्बन्धः अमरकोश

इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।

⚙️ व्याकरणम् स्वचालित

❖ सन्धिः

इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।

❖ समासः

कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।

❖ कृदन्तः

कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।

❖ तद्धितान्तः

कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।

विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड

⚑ कोई विश्लेषण गलत लगा? सूचित करें — इससे साधन सुधरता है
यह साधन कैसे काम करता है: सब कुछ इसी वेबसाइट के सर्वर पर होता है — कोई बाहरी API/AI नहीं, आपका श्लोक कहीं भेजा या सहेजा नहीं जाता। पदच्छेद पाणिनीय सन्धि-नियमों के उल्टे प्रयोग से, पदपरिचय लगभग ७.५ लाख शब्द-रूपों व १.२ लाख प्रातिपदिकों के कोश से, अर्थ आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश व अमरकोश से, और अन्वय विभक्ति-क्रम के नियमों से बनता है। स्वचालित होने से कहीं-कहीं विकल्प गलत चुना जा सकता है (हर पद के "अन्य सम्भावना" देखें); श्रीमद्भागवत के श्लोकों पर साइट की जाँची हुई टीका दिखती है।
शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (शब्दरूप, धातुरूप, आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश, अमरकोश) · सूत्र-लिंक: लघुसिद्धान्तकौमुदी।
💬 ज्योतिषीय प्रश्न पूछें