॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: रचना करना, क्रम से रखना, गूंथना, गुल्फित करना
संस्कृत: सन्दर्भे
अंग्रेज़ी: to compose, to order, to intertwine
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | श्रन्थति / श्रन्थयति | श्रन्थतः / श्रन्थयतः | श्रन्थन्ति / श्रन्थयन्ति |
| मध्यम | श्रन्थयसि / श्रन्थसि | श्रन्थथः / श्रन्थयथः | श्रन्थथ / श्रन्थयथ |
| उत्तम | श्रन्थयामि / श्रन्थामि | श्रन्थयावः / श्रन्थावः | श्रन्थयामः / श्रन्थामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: श्रन्थति · लट् (आत्मने.): श्रन्थयते · लिट्: शश्रन्थ · लिट् (आत्मने.): श्रन्थयाञ्चक्रे · लुट्: श्रन्थयिता · लुट् (आत्मने.): श्रन्थयिता · लृट्: श्रन्थयिष्यति · लृट् (आत्मने.): श्रन्थयिष्यते · लोट्: श्रन्थतात् · लोट् (आत्मने.): श्रन्थयताम् · लङ्: अश्रन्थत् · लङ् (आत्मने.): अश्रन्थयत · विधिलिङ्: श्रन्थयेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): श्रन्थयेत · आशीर्लिङ्: श्रथ्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): श्रन्थयिषीष्ट · लुङ्: अशश्रन्थत् · लुङ् (आत्मने.): अशश्रन्थत · लृङ्: अश्रन्थयिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अश्रन्थयिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: श्रन्थन · ण्वुल्: श्रन्थकः · तृच्: श्रन्थिता · यत्: श्रन्थ्यः · ण्यत्: श्रन्थ्यः · तव्य: श्रन्थितव्यः · अनीयर्: श्रन्थनीयः · क्त: श्रथितः · क्तवतु: श्रथितवान् · शतृ: श्रन्थन् · स्य-शतृ: श्रन्थिष्यन् · शानच्: श्रन्थयमानः · क्त्वा: श्रथित्वा · ल्यप्: प्रश्रथ्य · तुमुन्: श्रन्थितुम् · णमुल्: श्रन्थम् · घञ्: श्रन्थः · क्तिन्: श्रत्ति · क्वसु: श्रेथिवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| श्रन्थति | श्रन्थ् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: श्रन्थता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: श्रन्थ + तल् (भाववाचक) | श्रन्थत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: श्रन्थ् + शतृ |
श्रन्थति ➤ रचना करना, क्रम से रखना, गूंथना, गुल्फित करना
संस्कृत: सन्दर्भे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड