🕉️ 28 October 2026, Wednesday · 07:40:10 PM · CDSHARMA.IN

🕉️ श्लोकार्थ-बोधिनी

॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण

मार्जयतु

लम्बा गद्य (४००० अक्षर तक) भी लिख सकते हैं — वाक्य-वार विश्लेषण होगा। एक शब्द लिखने पर उसका अर्थ, सभी सम्भावित रूप, और पूरी शब्दरूप/धातुरूप तालिका दिखेगी।

🔎 पहचाना गया: एक शब्द

🔔 मूलशब्दः

श्राणयति

🌸 पदच्छेदः स्वचालित

श्राणयति

"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद

📖 शब्दकोशः — शब्द का पूर्ण परिचय कोश-आधारित

श्राणयति

अर्थ: देना, दान करना

संस्कृत: दाने

अंग्रेज़ी: to give

सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):

  1. श्रण् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
  2. श्रण् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक)
  3. श्राणयत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: श्रण् + शतृ
  4. श्राणयत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: श्रण् + शतृ

  📘 धातु-रूपावली में सभी लकार

धातुरूप — श्रण् (चुरादिगण) · अर्थ: देना, दान करना (दाने)

लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमश्राणयतिश्राणयतःश्राणयन्ति
मध्यमश्राणयसिश्राणयथःश्राणयथ
उत्तमश्राणयामिश्राणयावःश्राणयामः

दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: श्राणयति · लट् (आत्मने.): श्राणयते · लिट्: श्राणयाञ्चकार · लिट् (आत्मने.): श्राणयाञ्चक्रे · लुट्: श्राणयिता · लुट् (आत्मने.): श्राणयिता · लृट्: श्राणयिष्यति · लृट् (आत्मने.): श्राणयिष्यते · लोट्: श्राणयतात् · लोट् (आत्मने.): श्राणयताम् · लङ्: अश्राणयत् · लङ् (आत्मने.): अश्राणयत · विधिलिङ्: श्राणयेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): श्राणयेत · आशीर्लिङ्: श्राण्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): श्राणयिषीष्ट · लुङ्: अशश्राणत् · लुङ् (आत्मने.): अशश्राणत · लृङ्: अश्राणयिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अश्राणयिष्यत

प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: श्राणन · ण्वुल्: श्राणकः · तृच्: श्राणयिता · यत्: श्राण्यः · तव्य: श्राणयितव्यः · अनीयर्: श्राणनीयः · क्त: श्राणितः · क्तवतु: श्राणितवान् · शतृ: श्राणयन् · स्य-शतृ: श्राणयिष्यन् · शानच्: श्राणयमानः · क्त्वा: श्राणयित्वा · ल्यप्: प्रश्राण्य · तुमुन्: श्राणयितुम् · णमुल्: श्राणम् · क्तिन्: श्राण्टि · क्वसु: श्राणयाम्बभूवान्

🌹 पदपरिचयः स्वचालित

पदम्विवरणम्
श्राणयतिश्रण् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
अन्य सम्भावना: श्रण् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक) | श्राणयत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: श्रण् + शतृ

🌷 पदार्थः कोश-आधारित

श्राणयति ➤ देना, दान करना
संस्कृत: दाने

📚 अमरकोश-सम्बन्धः अमरकोश

इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।

⚙️ व्याकरणम् स्वचालित

❖ सन्धिः

इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।

❖ समासः

कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।

❖ कृदन्तः

कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।

❖ तद्धितान्तः

कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।

विश्लेषण-समय: ०.३ सेकण्ड

⚑ कोई विश्लेषण गलत लगा? सूचित करें — इससे साधन सुधरता है
यह साधन कैसे काम करता है: सब कुछ इसी वेबसाइट के सर्वर पर होता है — कोई बाहरी API/AI नहीं, आपका श्लोक कहीं भेजा या सहेजा नहीं जाता। पदच्छेद पाणिनीय सन्धि-नियमों के उल्टे प्रयोग से, पदपरिचय लगभग ७.५ लाख शब्द-रूपों व १.२ लाख प्रातिपदिकों के कोश से, अर्थ आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश व अमरकोश से, और अन्वय विभक्ति-क्रम के नियमों से बनता है। स्वचालित होने से कहीं-कहीं विकल्प गलत चुना जा सकता है (हर पद के "अन्य सम्भावना" देखें); श्रीमद्भागवत के श्लोकों पर साइट की जाँची हुई टीका दिखती है।
शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (शब्दरूप, धातुरूप, आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश, अमरकोश) · सूत्र-लिंक: लघुसिद्धान्तकौमुदी।
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