॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: थूकना
संस्कृत: निरसने
अंग्रेज़ी: to spit
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | ष्ठीवति | ष्ठीवतः | ष्ठीवन्ति |
| मध्यम | ष्ठीवसि | ष्ठीवथः | ष्ठीवथ |
| उत्तम | ष्ठीवामि | ष्ठीवावः | ष्ठीवामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: ष्ठीवति · लिट्: टिष्ठेव · लुट्: ष्ठेविता · लृट्: ष्ठेविष्यति · लोट्: ष्ठीवतात् · लङ्: अष्ठीवत् · विधिलिङ्: ष्ठीवेत् · आशीर्लिङ्: ष्ठीव्यात् · लुङ्: अष्ठेवीत् · लृङ्: अष्ठेविष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: ष्ठेवन · ण्वुल्: ष्ठेवकः · तृच्: ष्ठेविता · ण्यत्: ष्ठेव्यः · तव्य: ष्ठेवितव्यः · अनीयर्: ष्ठेवनीयः · क्त: ष्ठ्यूतः · क्तवतु: ष्ठ्यूतवान् · शतृ: ष्ठीवन् · स्य-शतृ: ष्ठेविष्यन् · क्त्वा: ष्ठ्यूत्वा · ल्यप्: प्रष्ठीव्य · तुमुन्: ष्ठेवितुम् · णमुल्: ष्ठेवम् · घञ्: ष्ठेवः · क्तिन्: ष्ठ्यूति · क्वसु: तिष्ठिवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| ष्ठीवति | ष्ठिव् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: ष्ठीवत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: ष्ठिव् + शतृ | ष्ठीवत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: ष्ठिव् + शतृ |
ष्ठीवति ➤ थूकना
संस्कृत: निरसने
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड