॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: सहेली, सहचरी, नायिका की सहेली
संस्कृत: मित्रम् इच्छति सः, मित्रम् इव आचरति सः · पर्याय: आलि, वयस्या, आली
अंग्रेज़ी: One who wants friends, One who acts like a friend
व्युत्पत्ति: सखि + ङीष्
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| सखा | सखी (पुं.) — प्रथमा विभक्ति, एकवचन अन्य सम्भावना: सखि (पुं.) — प्रथमा विभक्ति, एकवचन |
सखा ➤ सहेली, सहचरी, नायिका की सहेली
संस्कृत: मित्रम् इच्छति सः, मित्रम् इव आचरति सः · पर्याय: आलि, वयस्या, आली
| शब्द | अमरकोश — विषय, पर्याय |
|---|---|
| सखी |
आली (३.३.२०६) — पंक्ति सहेली (२.६.१२) — आलि, वयस्या |
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इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड