॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: बीनना, एक एक कर के बीनना
संस्कृत: उञ्छे
अंग्रेज़ी: to glean
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | सिलति | सिलतः | सिलन्ति |
| मध्यम | सिलसि | सिलथः | सिलथ |
| उत्तम | सिलामि | सिलावः | सिलामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: सिलति · लिट्: सिषेल · लुट्: सेलिता · लृट्: सेलिष्यति · लोट्: सिलतात् · लङ्: असिलत् · विधिलिङ्: सिलेत् · आशीर्लिङ्: सिल्यात् · लुङ्: असेलीत् · लृङ्: असेलिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: सेलन · ण्वुल्: सेलकः · तृच्: सेलिता · ण्यत्: सेल्यः · तव्य: सेलितव्यः · अनीयर्: सेलनीयः · क्त: सिलितः · क्तवतु: सिलितवान् · शतृ: सिलन् · स्य-शतृ: सेलिष्यन् · क्त्वा: सिलित्वा · ल्यप्: प्रसिल्य · तुमुन्: सेलितुम् · णमुल्: सेलम् · घञ्: सेलः · क्तिन्: सिल्ति · क्वसु: सिषिल्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| सिलति | सिल् धातु (तुदादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: सिलत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: सिल् + शतृ | सिलत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: सिल् + शतृ |
सिलति ➤ बीनना, एक एक कर के बीनना
संस्कृत: उञ्छे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड