॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: ढकना
संस्कृत: संवरणे
अंग्रेज़ी: to wrap, to cover, to conceal
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | स्तगति | स्तगतः | स्तगन्ति |
| मध्यम | स्तगसि | स्तगथः | स्तगथ |
| उत्तम | स्तगामि | स्तगावः | स्तगामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: स्तगति · लिट्: तस्ताग · लुट्: स्तगिता · लृट्: स्तगिष्यति · लोट्: स्तगतात् · लङ्: अस्तगत् · विधिलिङ्: स्तगेत् · आशीर्लिङ्: स्तग्यात् · लुङ्: अस्तगीत् · लृङ्: अस्तगिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: स्तगन · ण्वुल्: स्तागकः · तृच्: स्तगिता · ण्यत्: स्ताग्यः · तव्य: स्तगितव्यः · अनीयर्: स्तगनीयः · क्त: स्तगितः · क्तवतु: स्तगितवान् · शतृ: स्तगन् · स्य-शतृ: स्तगिष्यन् · क्त्वा: स्तगित्वा · ल्यप्: प्रस्तग्य · तुमुन्: स्तगितुम् · णमुल्: स्तागम् · घञ्: स्तागः · क्तिन्: स्तक्ति · क्वसु: तस्तग्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| स्तगति | स्तग् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: स्तगत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: स्तग् + शतृ | स्तगत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: स्तग् + शतृ |
स्तगति ➤ ढकना
संस्कृत: संवरणे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड