॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: प्रार्थना करना, स्तुति करना, प्रशंसा करना, भजन करना
संस्कृत: स्तुतौ
अंग्रेज़ी: to pray, to worship, to glorify, to praise
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | स्तवीति / स्तौति | स्तुतः / स्तुवीतः | स्तुवन्ति |
| मध्यम | स्तवीषि / स्तौषि | स्तुथः / स्तुवीथः | स्तुथ / स्तुवीथ |
| उत्तम | स्तवीमि / स्तौमि | स्तुवः / स्तुवीवः | स्तुमः / स्तुवीमः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: स्तवीति · लट् (आत्मने.): स्तुते · लिट्: तुष्टाव · लिट् (आत्मने.): तुष्टुवे · लुट्: स्तोता · लुट् (आत्मने.): स्तोता · लृट्: स्तोष्यति · लृट् (आत्मने.): स्तोष्यते · लोट्: स्तवीतु · लोट् (आत्मने.): स्तुताम् · लङ्: अस्तवीत् · लङ् (आत्मने.): अस्तुत · विधिलिङ्: स्तुयात् · विधिलिङ् (आत्मने.): स्तुवीत · आशीर्लिङ्: स्तूयात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): स्तोषीष्ट · लुङ्: अस्तावीत् · लुङ् (आत्मने.): अस्तोष्ट · लृङ्: अस्तोष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अस्तोष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: स्तवन · ण्वुल्: स्तावकः · तृच्: स्तोता · तव्य: स्तोतव्यः · अनीयर्: स्तवनीयः · क्त: स्तुतः · क्तवतु: स्तुतवान् · शतृ: स्तुवन् · स्य-शतृ: स्तोष्यन् · शानच्: स्तुवानः · क्त्वा: स्तुत्वा · ल्यप्: प्रस्तुत्य · तुमुन्: स्तोतुम् · णमुल्: स्तावम् · क्तिन्: स्तुति · क्वसु: तुष्टुवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| स्तवीति | स्तु धातु (अदादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन |
स्तवीति ➤ प्रार्थना करना, स्तुति करना, प्रशंसा करना, भजन करना
संस्कृत: स्तुतौ
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड