🕉️ 28 October 2026, Wednesday · 07:25:22 PM · CDSHARMA.IN

🕉️ श्लोकार्थ-बोधिनी

॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण

मार्जयतु

लम्बा गद्य (४००० अक्षर तक) भी लिख सकते हैं — वाक्य-वार विश्लेषण होगा। एक शब्द लिखने पर उसका अर्थ, सभी सम्भावित रूप, और पूरी शब्दरूप/धातुरूप तालिका दिखेगी।

🔎 पहचाना गया: एक शब्द

🔔 मूलशब्दः

स्तिघ्नुते

🌸 पदच्छेदः स्वचालित

स्तिघ्नुते

"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद

📖 शब्दकोशः — शब्द का पूर्ण परिचय कोश-आधारित

स्तिघ्नुते

अर्थ: हल्ला करना, तिरस्कार करना, वध करना

संस्कृत: आस्कन्दने

अंग्रेज़ी: to attack, to hate, to kill, to destroy

सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):

  1. स्तिघ् धातु (स्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन

  📘 धातु-रूपावली में सभी लकार

धातुरूप — स्तिघ् (स्वादिगण) · अर्थ: हल्ला करना, तिरस्कार करना, वध करना (आस्कन्दने)

लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमस्तिघ्नुतेस्तिघ्नुवातेस्तिघ्नुवते
मध्यमस्तिघ्नुषेस्तिघ्नुवाथेस्तिघ्नुध्वे
उत्तमस्तिघ्नुवेस्तिघ्नुवहेस्तिघ्नुमहे

दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): स्तिघ्नुते · लिट् (आत्मने.): तिष्टिघे · लुट् (आत्मने.): स्तेघिता · लृट् (आत्मने.): स्तेघिष्यते · लोट् (आत्मने.): स्तिघ्नुताम् · लङ् (आत्मने.): अस्तिघ्नुत · विधिलिङ् (आत्मने.): स्तिघ्नुवीत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): स्तेघिषीष्ट · लुङ् (आत्मने.): अस्तेघिष्ट · लृङ् (आत्मने.): अस्तेघिष्यत

प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: स्तेघन · ण्वुल्: स्तेघकः · तृच्: स्तेघिता · ण्यत्: स्तेघ्यः · तव्य: स्तेघितव्यः · अनीयर्: स्तेघनीयः · क्त: स्तिघितः · क्तवतु: स्तिघितवान् · शानच्: स्तिघ्नुवानः · क्त्वा: स्तिघित्वा · ल्यप्: प्रस्तिघ्य · तुमुन्: स्तेघितुम् · णमुल्: स्तेघम् · घञ्: स्तेघः · क्तिन्: स्तिग्धि · क्वसु: तिष्टिघ्वान्

🌹 पदपरिचयः स्वचालित

पदम्विवरणम्
स्तिघ्नुतेस्तिघ् धातु (स्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन

🌷 पदार्थः कोश-आधारित

स्तिघ्नुते ➤ हल्ला करना, तिरस्कार करना, वध करना
संस्कृत: आस्कन्दने

📚 अमरकोश-सम्बन्धः अमरकोश

इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।

⚙️ व्याकरणम् स्वचालित

❖ सन्धिः

इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।

❖ समासः

कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।

❖ कृदन्तः

कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।

❖ तद्धितान्तः

कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।

विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड

⚑ कोई विश्लेषण गलत लगा? सूचित करें — इससे साधन सुधरता है
यह साधन कैसे काम करता है: सब कुछ इसी वेबसाइट के सर्वर पर होता है — कोई बाहरी API/AI नहीं, आपका श्लोक कहीं भेजा या सहेजा नहीं जाता। पदच्छेद पाणिनीय सन्धि-नियमों के उल्टे प्रयोग से, पदपरिचय लगभग ७.५ लाख शब्द-रूपों व १.२ लाख प्रातिपदिकों के कोश से, अर्थ आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश व अमरकोश से, और अन्वय विभक्ति-क्रम के नियमों से बनता है। स्वचालित होने से कहीं-कहीं विकल्प गलत चुना जा सकता है (हर पद के "अन्य सम्भावना" देखें); श्रीमद्भागवत के श्लोकों पर साइट की जाँची हुई टीका दिखती है।
शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (शब्दरूप, धातुरूप, आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश, अमरकोश) · सूत्र-लिंक: लघुसिद्धान्तकौमुदी।
💬 ज्योतिषीय प्रश्न पूछें