॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: हल्ला करना, तिरस्कार करना, वध करना
संस्कृत: आस्कन्दने
अंग्रेज़ी: to attack, to hate, to kill, to destroy
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | स्तिघ्नुते | स्तिघ्नुवाते | स्तिघ्नुवते |
| मध्यम | स्तिघ्नुषे | स्तिघ्नुवाथे | स्तिघ्नुध्वे |
| उत्तम | स्तिघ्नुवे | स्तिघ्नुवहे | स्तिघ्नुमहे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): स्तिघ्नुते · लिट् (आत्मने.): तिष्टिघे · लुट् (आत्मने.): स्तेघिता · लृट् (आत्मने.): स्तेघिष्यते · लोट् (आत्मने.): स्तिघ्नुताम् · लङ् (आत्मने.): अस्तिघ्नुत · विधिलिङ् (आत्मने.): स्तिघ्नुवीत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): स्तेघिषीष्ट · लुङ् (आत्मने.): अस्तेघिष्ट · लृङ् (आत्मने.): अस्तेघिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: स्तेघन · ण्वुल्: स्तेघकः · तृच्: स्तेघिता · ण्यत्: स्तेघ्यः · तव्य: स्तेघितव्यः · अनीयर्: स्तेघनीयः · क्त: स्तिघितः · क्तवतु: स्तिघितवान् · शानच्: स्तिघ्नुवानः · क्त्वा: स्तिघित्वा · ल्यप्: प्रस्तिघ्य · तुमुन्: स्तेघितुम् · णमुल्: स्तेघम् · घञ्: स्तेघः · क्तिन्: स्तिग्धि · क्वसु: तिष्टिघ्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| स्तिघ्नुते | स्तिघ् धातु (स्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन |
स्तिघ्नुते ➤ हल्ला करना, तिरस्कार करना, वध करना
संस्कृत: आस्कन्दने
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड