॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: गीला होना, भीगना
संस्कृत: आर्द्रीभावे
अंग्रेज़ी: to be wet,to be moist
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | स्तिम्यति | स्तिम्यतः | स्तिम्यन्ति |
| मध्यम | स्तिम्यसि | स्तिम्यथः | स्तिम्यथ |
| उत्तम | स्तिम्यामि | स्तिम्यावः | स्तिम्यामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: स्तिम्यति · लिट्: तिस्तेम · लुट्: स्तेमिता · लृट्: स्तेमिष्यति · लोट्: स्तिम्यतात् · लङ्: अस्तिम्यत् · विधिलिङ्: स्तिम्येत् · आशीर्लिङ्: स्तिम्यात् · लुङ्: अस्तिमत् · लृङ्: अस्तेमिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: स्तेमन · ण्वुल्: स्तेमकः · तृच्: स्तेमिता · ण्यत्: स्तेम्यः · तव्य: स्तेमितव्यः · अनीयर्: स्तेमनीयः · क्त: स्तिमितः · क्तवतु: स्तिमितवान् · शतृ: स्तिम्यन् · स्य-शतृ: स्तेमिष्यन् · क्त्वा: स्तिमित्वा · ल्यप्: प्रस्तिम्य · तुमुन्: स्तेमितुम् · णमुल्: स्तेमम् · घञ्: स्तेमः · क्तिन्: स्तीन्ति · क्वसु: तिस्तिन्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| स्तिम्यति | स्तिम् धातु (दिवादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: स्तिम्यत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: स्तिम् + शतृ | स्तिम्यत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: स्तिम् + शतृ |
स्तिम्यति ➤ गीला होना, भीगना
संस्कृत: आर्द्रीभावे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.३ सेकण्ड