🕉️ 28 October 2026, Wednesday · 07:25:13 PM · CDSHARMA.IN

🕉️ श्लोकार्थ-बोधिनी

॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण

मार्जयतु

लम्बा गद्य (४००० अक्षर तक) भी लिख सकते हैं — वाक्य-वार विश्लेषण होगा। एक शब्द लिखने पर उसका अर्थ, सभी सम्भावित रूप, और पूरी शब्दरूप/धातुरूप तालिका दिखेगी।

🔎 पहचाना गया: एक शब्द

🔔 मूलशब्दः

स्तृणाति

🌸 पदच्छेदः स्वचालित

स्तृणाति

"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद

📖 शब्दकोशः — शब्द का पूर्ण परिचय कोश-आधारित

स्तृणाति

अर्थ: वस्त्रादि से आच्छादित करना, वस्त्र ओढ़ाना

संस्कृत: आच्छादने

अंग्रेज़ी: to wrap, to cover, to clothe

सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):

  1. स्तॄ धातु (क्र्यादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन

  📘 धातु-रूपावली में सभी लकार

धातुरूप — स्तॄ (क्र्यादिगण) · अर्थ: वस्त्रादि से आच्छादित करना, वस्त्र ओढ़ाना (आच्छादने)

लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमस्तृणातिस्तृणीतःस्तृणन्ति
मध्यमस्तृणासिस्तृणीथःस्तृणीथ
उत्तमस्तृणामिस्तृणीवःस्तृणीमः

दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: स्तृणाति · लट् (आत्मने.): स्तृणीते · लिट्: तस्तार · लिट् (आत्मने.): तस्तरे · लुट्: स्तरिता · लुट् (आत्मने.): स्तरिता · लृट्: स्तरिष्यति · लृट् (आत्मने.): स्तरिष्यते · लोट्: स्तृणातु · लोट् (आत्मने.): स्तृणीताम् · लङ्: अस्तृणात् · लङ् (आत्मने.): अस्तृणीत · विधिलिङ्: स्तृणीयात् · विधिलिङ् (आत्मने.): स्तृणीत · आशीर्लिङ्: स्तीर्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): स्तरिषीष्ट · लुङ्: अस्तारीत् · लुङ् (आत्मने.): अस्तरिष्ट · लृङ्: अस्तरिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अस्तरिष्यत

प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: स्तरण · ण्वुल्: स्तारकः · तृच्: स्तरीता · ण्यत्: स्तार्यः · तव्य: स्तरीतव्यः · अनीयर्: स्तरणीयः · क्त: स्तीर्णः · क्तवतु: स्तीर्णवान् · शतृ: स्तृणन् · स्य-शतृ: स्तरीष्यन् · शानच्: स्तृणानः · क्त्वा: स्तीर्त्वा · ल्यप्: प्रस्तीर्य · तुमुन्: स्तरीतुम् · णमुल्: स्तारम् · क्तिन्: स्तीर्णि · क्वसु: तिस्तीर्वान्

🌹 पदपरिचयः स्वचालित

पदम्विवरणम्
स्तृणातिस्तॄ धातु (क्र्यादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन

🌷 पदार्थः कोश-आधारित

स्तृणाति ➤ वस्त्रादि से आच्छादित करना, वस्त्र ओढ़ाना
संस्कृत: आच्छादने

📚 अमरकोश-सम्बन्धः अमरकोश

इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।

⚙️ व्याकरणम् स्वचालित

❖ सन्धिः

इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।

❖ समासः

कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।

❖ कृदन्तः

कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।

❖ तद्धितान्तः

कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।

विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड

⚑ कोई विश्लेषण गलत लगा? सूचित करें — इससे साधन सुधरता है
यह साधन कैसे काम करता है: सब कुछ इसी वेबसाइट के सर्वर पर होता है — कोई बाहरी API/AI नहीं, आपका श्लोक कहीं भेजा या सहेजा नहीं जाता। पदच्छेद पाणिनीय सन्धि-नियमों के उल्टे प्रयोग से, पदपरिचय लगभग ७.५ लाख शब्द-रूपों व १.२ लाख प्रातिपदिकों के कोश से, अर्थ आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश व अमरकोश से, और अन्वय विभक्ति-क्रम के नियमों से बनता है। स्वचालित होने से कहीं-कहीं विकल्प गलत चुना जा सकता है (हर पद के "अन्य सम्भावना" देखें); श्रीमद्भागवत के श्लोकों पर साइट की जाँची हुई टीका दिखती है।
शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (शब्दरूप, धातुरूप, आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश, अमरकोश) · सूत्र-लिंक: लघुसिद्धान्तकौमुदी।
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