॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: वस्त्रादि से आच्छादित करना, वस्त्र ओढ़ाना
संस्कृत: आच्छादने
अंग्रेज़ी: to wrap, to cover, to clothe
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | स्तृणाति | स्तृणीतः | स्तृणन्ति |
| मध्यम | स्तृणासि | स्तृणीथः | स्तृणीथ |
| उत्तम | स्तृणामि | स्तृणीवः | स्तृणीमः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: स्तृणाति · लट् (आत्मने.): स्तृणीते · लिट्: तस्तार · लिट् (आत्मने.): तस्तरे · लुट्: स्तरिता · लुट् (आत्मने.): स्तरिता · लृट्: स्तरिष्यति · लृट् (आत्मने.): स्तरिष्यते · लोट्: स्तृणातु · लोट् (आत्मने.): स्तृणीताम् · लङ्: अस्तृणात् · लङ् (आत्मने.): अस्तृणीत · विधिलिङ्: स्तृणीयात् · विधिलिङ् (आत्मने.): स्तृणीत · आशीर्लिङ्: स्तीर्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): स्तरिषीष्ट · लुङ्: अस्तारीत् · लुङ् (आत्मने.): अस्तरिष्ट · लृङ्: अस्तरिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अस्तरिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: स्तरण · ण्वुल्: स्तारकः · तृच्: स्तरीता · ण्यत्: स्तार्यः · तव्य: स्तरीतव्यः · अनीयर्: स्तरणीयः · क्त: स्तीर्णः · क्तवतु: स्तीर्णवान् · शतृ: स्तृणन् · स्य-शतृ: स्तरीष्यन् · शानच्: स्तृणानः · क्त्वा: स्तीर्त्वा · ल्यप्: प्रस्तीर्य · तुमुन्: स्तरीतुम् · णमुल्: स्तारम् · क्तिन्: स्तीर्णि · क्वसु: तिस्तीर्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| स्तृणाति | स्तॄ धातु (क्र्यादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन |
स्तृणाति ➤ वस्त्रादि से आच्छादित करना, वस्त्र ओढ़ाना
संस्कृत: आच्छादने
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड